ब्रेस्ट यूनिवर्सिटी (फ्रांस), किंग अब्दुल्ला यूनिवर्सिटी (सऊदी अरब) और डंडी यूनिवर्सिटी (यूके) जैसे प्रसिद्ध संस्थानों के साथ प्रोफेसर सिंह के सहयोगी प्रयास उनके शोध प्रभाव को और बढ़ाते हैं। प्रो. महावीर सिंह ने 25 पीएचडी विद्यार्थियों को गाइड मागदर्शक के रूप में सफलतापूर्वक निर्देशित किया है, जिनमें से कई अब वैश्विक स्तर पर शीर्ष संस्थानों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उनकी देखरेख में कई शोध विद्वानों ने यूएसए, ब्राजील, यूके, इटली, जापान, फ्रांस और स्पेन में प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में अपने निष्कर्ष प्रस्तुत किए हैं।
आईयूएसी नई दिल्ली, बीएआरसी मुंबई और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च जैसे प्रमुख भारतीय संस्थानों की साझेदारी में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में किए गए उच्च गुणवत्ता वाले शोध ने इस सम्मान को दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। उच्च प्रभाव वाली अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रोफेसर सिंह का व्यापक प्रकाशन रिकॉर्ड, साथ ही एक पर्याप्त उद्धरण सूचकांक, स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त विशिष्ट वैज्ञानिकों के बीच उनकी स्थिति को मजबूती से स्थापित करता है।
जिला शिमला के कुमारसैन के छोटे से गांव घुमाना पंचायत डीब के रहने वाले प्रो. महावीर की पढ़ाई कुमारसैन सरकारी स्कूल से हुई। रामपुर कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई कर प्रदेश में टॉप करने के बाद, उन्होंने एमएससी एचपीयू से की। जबकि पीएचडी आईआईटी दिल्ली से पूरी की । वे पिछले 27 सालों से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य कर रहे है। वे आईईसी बद्दी यूनिवर्सिटी के कुलपति भी रह चुके हैं और विवि के कुलपति पद के लिए हुई नियुक्ति की प्रकिया में दावेदरारों में मजबूत एकेडमिक रिकाॅर्ड वाले दावेदारों की सूची में टॉप पर रहे। प्रो. वर्मा की इस उपलब्धि पर समूचे विश्वविद्यालय को आगे बढ़ने के लिए नई ऊर्जा और दिशा मिली है।