हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय(एचपीयू) की ओर से घोषित यूजी प्रथम वर्ष के खराब परिणाम के मामले में पर्यावरण विज्ञान (ईवीएस) विषय में पांच अंक ग्रेस मार्क्स देने के बाद तीनों संकायों में सिर्फ 144 विद्यार्थी ही पास हो पास हुए हैं। पर्यावरण विज्ञान विषय में 4,493 विद्यार्थी पास हुए हैं। कम संख्या में विद्यार्थी पास होने से तीनों संकायों की पास प्रतिशतता में कोई विशेष अंतर नहीं आया है। एचपीयू ने संशोधित परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है।
बीए प्रथम वर्ष में 0.26 फीसदी, बीकॉम में 0.80 और बीएससी में 0.10 फीसदी विद्यार्थी पास हुए हैं। कृपांक जोड़ने के बाद घोषित संशोधित परीक्षा परिणाम में बीए में 81, बीएससी में 10 और बीकॉम में 53 विद्यार्थी पास हुए हैं। ये विद्यार्थी कृपांक मिलने के ईवीएस विषय में उत्तीर्ण हुए हैं। इसके अलावा पहले से चार-चार विषयों में फेल विद्यार्थियों के ओवरआल परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ा है। यही वजह है कि पास प्रतिशतता में कोई विशेष अंतर नहीं आया है।
जारी कर दिया है प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम : प्रो वीसी
प्रदेश विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. ज्योति प्रकाश ने कहा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट में मूल्यांकन के दौरान कोई विशेष खामी नहीं पाई गई है। कमेटी की सिफारिश पर प्रथम वर्ष के सभी विद्यार्थियों को पर्यावरण विज्ञान विषय में पांच अंक ग्रेस मार्क्स दिए गए थे। संशोधित परिणाम घोषित कर दिया गया है। इसमें 144 विद्यार्थी पास हुए हैं। इसमें हर कक्षा की पास प्रतिशतता नहीं बढ़ी है। यूजी प्रथम वर्ष के 4,493 विद्यार्थी पर्यावरण विज्ञान विषय में जरूर पास हुए हैं।
संकाय कुल विद्यार्थी पहले उत्तीर्ण कृपांक के बाद पास प्रतिशतता
बीए 31,593 12,335 12,416 39.29
बीएससी 10,081 2,209 2,219 22.011
बी कॉम 6,659 2,309 2,362 35.47