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Shimla News: एचपीयू को मिली 25 करोड़ से अधिक की शोध परियोजनाएं

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पांच उत्कृष्टता केंद्र बने, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से बढ़ा सहयोग, पीएम विकास परियोजना के लिए 80 लाख मंजूर
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आधारभूत ढांचे के विस्तार के लिए 10 करोड़ मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला को पिछले एक वर्ष के दौरान 25 करोड़ रुपये से अधिक की शोध एवं विकास परियोजनाएं और वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है।
कुलपति प्रो. महावीर सिंह के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह जानकारी साझा की। विश्वविद्यालय के अनुसार अनुसंधान के क्षेत्र में एएनआरएफ के तहत लगभग 10 करोड़ रुपये की पेयर परियोजना स्वीकृत हुई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री अर्ली कॅरिअर रिसर्च ग्रांट के तहत 60 लाख रुपये और एसजेवीएन लिमिटेड की ओर से 4.15 करोड़ रुपये की एआई आधारित सोलर पीवी रिसर्च इकोसिस्टम परियोजना भी मिली है। युवाओं के कौशल विकास के लिए पीएम विकास परियोजना के तहत 80 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। डिजिटल लाइब्रेरी, आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के विस्तार के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हुई है। इस अवधि में विश्वविद्यालय ने पांच नए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए हैं। इनमें ग्रीन एनर्जी एवं नैनो टेक्नोलॉजी, आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं रेजिलिएंस, पहाड़ी संस्कृति एवं विरासत, भारतीय ज्ञान प्रणाली एवं भारतीय गणित तथा साइबर-फिजिकल सिस्टम्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े केंद्र शामिल हैं।
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विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाया है। ताइवान के युआन जे यूनिवर्सिटी, ईआरनेट इंडिया, हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, भारतीय सेना और डीआरडीओ सहित विभिन्न संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। वहीं जर्मनी, फ्रांस और नॉर्वे के संस्थानों के साथ शोध एवं शैक्षणिक साझेदारियों को भी विस्तार दिया है।
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नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम बदले
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रमों में बदलाव, उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा, प्लेसमेंट गतिविधियों के विस्तार तथा महाविद्यालयों के शिक्षकों को पीएचडी मार्गदर्शक के रूप में अवसर देने जैसी पहल की है। विश्वविद्यालय परिसर में तीन नई इमारतों का निर्माण कार्य भी जारी है। प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि बीते एक वर्ष की उपलब्धियां विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और छात्र प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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