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एससीए चुनाव को लेकर एचपीयू ने लिया ये फैसला

Sat, 08 Sep 2018 05:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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एससीए चुनाव को लेकर गठित उच्च स्तरीय कमेटी की बैठक में ये फैसला लिया गया। प्रदेश विश्वविद्यालय और कॉलेजों मे चार साल से प्रतिबंधित एससीए चुनाव इस बार भी बहाल नहीं हो सके हैं। पहले की ही तरह इस बार भी मेरिट आधार पर एससीए का गठन होगा।

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शुक्रवार को विवि में कुलपति के आदेश पर चुनाव को लेकर गठित उच्च स्तरीय कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया। 10 से 19 सितंबर के बीच विवि और कॉलेजों में एससीए गठन की प्रक्रिया चलेगी। कुलसचिव ने कॉलेजों के लिए अधिसूचना जारी कर दी है।

छात्र संघ चुनाव के कारण परिसरों में हिंसा को आधार बनाकर पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 2014 में प्रतिबंधित चुनाव के फैसले को बदलने का जोखिम इस बार भी नई सरकार ने नहीं लिया। 

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इस दिन तक पूरी की जानी है एससीए गठन की प्रक्रिया

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प्रदेश भर में विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध 135 कॉलेजों में 19 सितंबर तक एससीए गठन की प्रक्रिया पूरी की जानी है। यदि कॉलेजों से कोई गंभीर मामला एससीए गठन को लेकर आएगा तो, इसका समाधान विवि में डीएसडब्लू की अध्यक्षता में गठित कमेटी इसका समाधान करेगी।

कुलपति की अध्यक्षता में हुई विशेष गठित हाई पावर कमेटी की बैठक में कॉलेजों से भी अप्रत्यक्ष रूप से ही एससीए गठन के राय मिली। सबसे अहम यह भी रहा कि अब प्रत्यक्ष चुनाव को बहाल कर चुनावी प्रक्रिया पूरी करने को समय भी कम रह गया था।

सरकार और विवि प्रशासन चुनाव पर फैसला लेने में देरी की है। ऐसे में बैठक में आम सहमति से मेरिट के आधार पर ही एससीए गठित करने का निर्णय लिया गया है। 
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यही था शेष विकल्प 

समय के अभाव और पिछली सरकार के हिंसा को आधार बनाकर प्रतिबंधित किए गए चुनाव की जगह मेरिट के आधार पर एससीए गठन के अलावा सरकार और विवि प्रशासन के पास कोई और रास्ता भी शेष नहीं रह गया था।

यदि चुनाव बहाल होते और इस बीच बड़ी चुनावी हिंसा होती तो इसके लिए पूरी तरह से सत्तासीन हुई सरकार जिम्मेदार मानी जाती, वहीं नए बने कुलपति को भी जवाब देना मुश्किल होता । 

कॉलेजों के प्राचार्यों ने पहले की तरह से विवि और प्रदेश सरकार पर ही प्रत्यक्ष चुनाव बहाली का फैसला छोड़ दिया था। अप्रत्यक्ष चुनाव में विवि और कॉलेज में अकादमिक, खेल और सांस्कृतिक के अलावा एनसीसी, एनएसएस, रेंजर रोवर में अव्वल रहे छात्रों को मेरिट को आधार बनाकर एससीए में भेजा जाता है।

इन्हीं में से अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सचिव सह सचिव बनाए जाते है, वहीं हर कक्षा से प्रतिनिधि होते है और एनसीसी और अन्य गतिविधियों में से भी प्रतिनिधि मेरिट आधार पर बनाकर एससीए में भेजे जाते है। 
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