जिसका ठीकरा एंबुलेंस चालक के सिर फोड़ा जा रहा है। हालांकि हादसा एंबुलेंस की खस्ताहालत की वजह से हुआ है। तीसा, सलूणी, चंबा, ककीरा, चूड़ी, भरमौर, साहो, किलाड़, कलसूंई व किहार क्षेत्र में चलने वाली 15 एंबुलेंस की पहले भी ब्रेक डाउन हो चुकी है।इसकी वजह से हादसे होते-होते बचे हैं।
एंबुलेंस की हालत इतनी खराब हो चुकी हैं कि उन्हें चलाना खतरे से खाली नहीं है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि एंबुलेंस कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से अन्य वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। दो 102 एंबुलेंस को चलाया गया है। इसके अलावा आरकेएस व रेडक्रॉस की एंबुलेंस की भी सेवाएं ली जा रही हैं।