हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में छात्रों के पास से दराट और रॉड मिलने के बाद परिसर का माहौल तनावपूर्ण है। परिसर में क्यूआरटी और पुलिस की लगातार तैनाती है। संवाददाता हर्षित शर्मा ने वीरवार को मौके का जायजा लिया और इस दौरान छात्रों से बातचीत कर कैंपस के माहौल और सुरक्षा को लेकर उनकी चिंताएं भी जानीं। पेश है रिपोर्ट :-
कुलपति कार्यालय में दराट और रॉड के साथ छात्रों के घुसने के बाद मुख्य गेट से प्रशासनिक भवनों तक कड़ी निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में छात्रों के पास दराट और रॉड मिलने के बाद परिसर का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। कई दिनों से परिसर के भीतर छात्र संगठनों के बीच लगातार झड़पें हो रही हैं। इससे आम छात्र तनावपूर्ण माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
एचपीयू परिसर में वीरवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। परिसर में क्यूआरटी तैनात है और पुलिस जवान लगातार गश्त करते रहे। मुख्य गेट, कुलपति कार्यालय, विधि विभाग और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की आवाजाही बनी रही। एक दिन पहले कुलपति कार्यालय परिसर तक हथियार जैसी वस्तुएं पहुंचने के बाद पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए निगरानी बढ़ाई है।
पुलिस की टीमें लगातार परिसर में घूमती रहीं। मुख्य प्रवेशद्वार के आसपास भी जवान तैनात रहे। कुलपति कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग और विधि विभाग के आसपास विशेष नजर रखी गई। क्यूआरटी को भी परिसर में किसी विवाद की स्थिति में तत्काल पहुंचने के लिए तैनात कर रखा गया। सोमवार को छात्र गुटों में मारपीट और मंगलवार को विवि परिसर में दराट और रॉड के साथ पकड़े गए छात्रों से कैंपस का माहौल बदला हुआ नजर आया। छात्र छोटे-छोटे समूहों में घटना को लेकर चर्चा करते दिखे। हाल के दिनों में छात्र गुटों के बीच हुए विवाद और मारपीट की घटनाओं के कारण कई छात्रों में तनाव और डर का माहौल है। खासकर डे-स्कॉलर छात्रों का कहना है कि कैंपस में होने वाले विवाद का असर उनकी पढ़ाई और रोजाना की आवाजाही पर पड़ता है। पुलिस की बढ़ी मौजूदगी से वीरवार को कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया।
सुरक्षा व्यवस्था की जाए मजबूत : रिजुल
छात्र रिजुल ने कहा कि विश्वविद्यालय में रोज बड़ी संख्या में छात्र आते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त होनी चाहिए। मंगलवार को वीसी कार्यालय परिसर में छात्रों से में दराट और रॉड मिलने की घटना के बाद यह साफ है कि कैंपस की सुरक्षा को लेकर और गंभीरता से काम करने की जरूरत है। क्यूआरटी और पुलिस की गश्त से सुरक्षा का अहसास हुआ, लेकिन यह व्यवस्था केवल किसी घटना के बाद नहीं बढ़नी चाहिए। मुख्य गेट से लेकर पूरे परिसर में निगरानी मजबूत होनी चाहिए।
विवि पढ़ाई की जगह है, विवाद की नहीं : प्रिया
छात्रा प्रिया ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों के पढ़ने और अपना भविष्य बनाने की जगह है। यहां होने वाले विवादों और मारपीट से पढ़ाई का माहौल प्रभावित होता है। हम यहां कक्षाओं में जाने और अपने कॅरिअर बनाने आते हैं। परिसर में ही तनाव का माहौल रहेगा तो इसका असर छात्रों पर पड़ेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन को भी ऐसा माहौल बनाए रखना चाहिए, जिसमें किसी छात्र को कैंपस में आने से डर न लगे और पढ़ाई सबसे ऊपर रहे।
छात्र संगठन मिलकर करें काम : अर्चित
अर्चित ने कहा कि छात्र संगठन विश्वविद्यालय में छात्रों की समस्याओं को उठाने और उनकी आवाज प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते हैं। संगठनों के एक-दूसरे से टकराने के बजाय छात्रों की समस्याओं के लिए साथ काम करें तो इसका फायदा पूरे विश्वविद्यालय को होगा। फीस, छात्र सुविधाएं, हॉस्टल, पुस्तकालय और सुरक्षा जैसे कई मुद्दे हैं, जिन पर मिलकर आवाज उठाई जा सकती है।
कैंपस में हिंसा कम हो, यही सभी की चिंता : रवि
रवि ने कहा कि विश्वविद्यालय में पिछले कुछ समय में विवाद और मारपीट की घटनाएं बढ़ी हैं। इससे छात्रों के बीच तनाव बढ़ता है और कैंपस का माहौल भी प्रभावित होता है। किसी भी मुद्दे पर विरोध या अपनी बात रखना गलत नहीं है, लेकिन हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है। छात्र संगठनों को भी समझना होगा कि उनके बीच होने वाले विवाद का असर आम छात्रों पर पड़ता है। विश्वविद्यालय में ऐसा माहौल होना चाहिए, जहां छात्र बिना किसी डर के कक्षा, पुस्तकालय और दूसरे विभागों में जा सकें।