आईआईटी रोपड़ के साथ काम करेगा विवि
नवाचार और अनुसंधान कार्यों को मिलेगी रफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला को नवाचार और शोध अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एएनआरएफ (अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन) ने त्वरित नवाचार एवं अनुसंधान भागीदारी (पीएआईआर) कार्यक्रम के तहत 10.23 करोड़ रुपये का अनुदान मंजूर किया है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने बताया कि शोध में आईआईटी रोपड़ के साथ एचपीयू सहयोग करेगा। आईआईटी रोपड़ इसमें हब संस्थान के रूप में कार्य कर रहा है और एचपीयू अन्य संस्थानों के साथ स्पोक संस्थान के रूप में कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालय ने दिसंबर 2024 में एएनआरएफ को उन्नत सामग्री के लिए गतिशील अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र (ड्रीम्स) का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। हब और स्पोक मॉडल संस्थानों की प्रगति को कुशलता पूर्वक गति देने का एक शक्तिशाली साधन है। यह पुल-एंड-पुश दृष्टिकोण पर काम करता है। हब, परिकल्पित अनुसंधान कार्यों को स्पोक की उपलब्ध क्षमता और कौशल को एक साथ लाता है। यह संस्थानों के बीच की खाई को पाटने का कार्य करता है। कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि पीएआईआर कार्यक्रम शोध अनुसंधान में प्रारंभिक अवस्था में है। प्रो. वर्मा ने कहा कि वह स्वयं अन्य टीम सदस्यों के साथ इस परियोजना का नेतृत्व करेंगे। परियोजना में रसायन विज्ञान विभाग शिक्षक और आईक्यूएसी के निदेशक डॉ. रमेश ठाकुर मुख्य अन्वेषक हैं। रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. संदीप चौहान, भौतिकी विभाग के डॉ. बलबीर सिंह पटियाल, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. रविकांत भाटिया, ईसीई (यूआईटी) विभाग के डॉ. मनीष कुमार सह-मुख्य अन्वेषक हैं। भौतिकी विभाग के प्रो. नागेश ठाकुर और प्रो. एनएस नेगी भी इस परियोजना के संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि इस स्वीकृत हुए अनुदान से उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। इनसे शोधकर्ता पदार्थों का सटीक वर्णन कर पाएंगे।
अनुदान से खरीदे जाएंगे उपकरण
कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि एचपीयू स्वीकृत 10.23 करोड़ रुपये के बजट में से 6.78 करोड़ से शोध में उपयोग होने वाले उपकरणों की खरीद करेगा। इनमें लोकशोर वाइब्रेटिंग सैंपल मैग्नेटोमीटर, रेडियंटस एलसीआईआई फेरोइलेक्ट्रिक टेस्ट सिस्टम, 1260 ए इम्पेडेंस एनालाइजर, इलेक्ट्रोकेमिकल वर्क स्टेशन, घनत्व और ध्वनि वेग मीटर, कण आकार विश्लेषक, बीईटी, डीटीए मोड और डीएससी के साथ टीजी उपकरणों की खरीद की जाएगी।