हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने छात्रों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने डिग्रीधारक विद्यार्थियों से अपील की कि वे राष्ट्र की प्रतिबद्धता, करुणा और प्यार से सेवा करें तथा बिना किसी धन के लालच के आम आदमी की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि मेडल और डिग्रीधारकों में 60 फीसदी छात्राएं रहीं।
उन्होंने युवकों को पहलवानों की संज्ञा दी। कहा कि वे भी प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बेटियों के मुकाबले उनकी विषमता बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि विद्या के समान दुनिया में कोई धन नहीं है। विद्या ही इकलौती ऐसी चीज है जो बांटने से बढ़ती है, जबकि अन्य सभी चीजें बांटने से कम होती हैं।
उपनिषदों में यह पहले से अंकित है कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का एक भाग है, जहां शिक्षा पूर्ण होने के पश्चात अध्यापक छात्रों को समाज की उन्नति के लिए दिशा-निर्देश देते हैं। दीक्षांत समारोह में जो दिशा-निर्देश दिए जाते थे, उनमें छात्रों को ईमानदारी का बर्ताव करने के साथ अपने ज्ञान को जीवन भर लगातार बढ़ाने की बात कही जाती है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री बिक्रम ठाकुर ने मेडल और डिग्रियां हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने पाकिस्तान में भारतीय वायुसेना की ओर से पुलवामा हमले के खिलाफ की गई कार्रवाई पर मोदी सरकार की सराहना की।