अपील में अपना पक्ष रखते हुए अधीक्षक ने बताया कि यह सूचना कस्टोडियन यानी पंचायत निरीक्षक ट्रेस नहीं कर पाए हैं। अपीलकर्ता ने कहा कि वह उम्मीदवारों की ओर से विभिन्न वर्षों में बताई गई आय की तुलना करना चाह रहे थे, मगर यह सूचना उन्हें नहीं दी गई।
अपीलकर्ता ने यह भी कहा कि जानबूझकर इस सूचना को छिपाया जा रहा है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने पाया कि अपीलकर्ता की ओर से जो सूचना मांगी गई, वह सामान्य प्रकृति की है।
यह कहना कि सूचना ट्रेस नहीं की जा पा रही है, इसे आयोग में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। आरटीआई एक्ट का उद्देश्य ही सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाना है।
इससे हर पब्लिक अथारिटी की जवाबदेही भी बढ़ती है। आयोग ने कहा कि अगर यह सूचना ट्रेस हो जाती है तो इसे अपीलकर्ता को बगैर शुल्क के तत्काल दे दिया जाए।