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एचपीएसएससी: साक्षात्कार में निजी स्कूलों का शिक्षण अनुभव दरकिनार

Mon, 29 Oct 2018 12:58 PM IST
सुभाष कुमार अग्निहोत्री, अमर उजाला, चंबा
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कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर की ओर से लिए जाए रहे शिक्षकों के साक्षात्कार में सैकड़ों अभ्यर्थियों के निजी स्कूलों के शिक्षण अनुभव को दरकिनार किया जा रहा है। हैरत की बात यह है कि शिक्षा सचिव और शिक्षा उपनिदेशक की ओर से हस्ताक्षरित किए गए अनुभव के उपरांत भी इसे स्वीकार नहीं किया जा रहा है। ऐसे में सरकारी अध्यापक बनने की चाह रखकर साक्षात्कार में पहुंचने वाले अभ्यर्थी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

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गौरतलब है कि आयोग ने शिक्षकों के साक्षात्कार के दौरान सरकारी स्कूलों और अर्ध सरकारी स्कूलों के अनुभव को ही मान्य किया है। ऐसे में हिमाचल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला द्वारा पंजीकृत निजी स्कूलों में कई-कई वर्षो तक सेवाएं देने व अनुभव हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के साथ हमीरपुर चयन आयोग सौतेला व्यवहार कर रहा है। ऐसा ही मामला पोस्टकोड 571 शारीरिक शिक्षा अध्यापक के साक्षात्कार के दौरान भी देखने को मिला है।

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निजी स्कूलों में अनुभव हासिल करने वालों में लोकेश राज, चतर सिंह, अक्षय कुमार, योगराज, अमृता, अक्षय कुमार, नंद लाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री, विस उपाध्यक्ष, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव से आग्रह किया है कि हमीरपुर चयन आयोग द्वारा लिए जाने वाले शिक्षकों के साक्षात्कारों में सरकारी, अर्धसरकारी स्कूलों के अनुभव के साथ-साथ निजी स्कूलों में सेवाएं देने वाले अध्यापकों के अनुभव को भी जोड़ा जाए।

कहा कि चयन आयोग की पुरानी अधिसूचना का खामियाजा प्रदेश भर के सैकड़ों अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है। कहा कि पुरानी अधिसूचना में बदलाव नहीं किया गया तो निजी स्कूलों में अनुभव हासिल करने वाले शिक्षक सड़कों पर उतरने और न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर हो जाएंगे। सरकारी और अर्ध सरकारी स्कूलों में में एक से पांच वर्ष तक का अनुभव रखने वालों को ढाई अंक प्रदान किए जाते हैं। इसके अलावा एक वर्ष का अनुभव है तो प्वाइंट पचास अंक प्रदान किए जाते हैं।
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