वर्ष 2022 में आयोग ने 1,647 पदों के लिए विज्ञापन जारी किए थे। इनमें 1,423 पदों पर 3,41,742 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। अब कैबिनेट ने 80 पोस्ट कोड के 1,423 पदों के विज्ञापन वापस लेने और संबंधित अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क लौटाने को मंजूरी दे दी है। साथ ही इन भर्तियों के पुराने विज्ञापनों के आधार पर नियुक्ति की संभावना समाप्त हो गई है। दरअसल, भंग कर्मचारी चयन आयोग की पूरी भर्ती प्रक्रिया मौजूदा राज्य चयन आयोग से अलग थी। उस समय लिखित परीक्षाएं ओएमआर शीट के माध्यम से होती थीं।
सामान्य वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 360 रुपये, जबकि एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, आईआरडीपी और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 120 रुपये निर्धारित था। महिला अभ्यर्थियों और पूर्व सैनिकों से कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाता था। अब हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) प्रणाली पर काम कर रहा है। इसी कारण आवेदन शुल्क भी बढ़ाकर सामान्य वर्ग के लिए 400 रुपये और आरक्षित वर्ग के लिए 325 रुपये कर दिया गया है। पुराने आयोग का रिकॉर्ड और भर्ती प्रक्रिया भी मौजूदा ऑनलाइन प्रणाली से मेल नहीं खाती। ऐसे में पुराने विज्ञापनों को पूर्व शर्तों पर लागू करना संभव नहीं था।
यही वजह है कि सरकार ने लंबित विज्ञापनों को निरस्त कर शुल्क वापसी का निर्णय लिया है। आयोग भंग होने के बाद सरकार ने कुछ श्रेणियों की भर्तियां नए सिरे से निकालीं और अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में दो वर्ष की छूट भी दी। कुछ पदों पर भर्ती लोक सेवा आयोग के माध्यम से पूरी हुई, जबकि कई पोस्ट कोड अब भी नई भर्ती का इंतजार कर रहे हैं।
जेई इलेक्ट्रिकल सहित विभिन्न विभागों में भरे जाने वाले सैकड़ों पदों पर भर्ती प्रक्रिया को नए सिरे से जल्द शुरू करने की मांग अभ्यर्थी उठा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि विज्ञापन और शुल्क वापसी को मंजूरी तो मिल गई है, लेकिन इन पदों को भरने के लिए कब भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी, यह स्पष्ट नहीं है।
इन पोस्टकोड के तहत मांगे गए थे आवेदन
वर्ष 2022 में शिक्षा विभाग में जेबीटी के 467 पद, स्वास्थ्य विभाग में ओटी असिस्टेंट के 162, पुलिस सब इंस्पेक्टर के 28, दमकल विभाग में फायरमैन के 79, बिजली बोर्ड में जेई के 78, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम में जेओए के 42, राज्य ऑडिट विभाग में जूनियर ऑडिटर के 37, आयुष विभाग में फार्मासिस्ट के 41 और तकनीकी शिक्षा विभाग के 165 पद सहित अन्य विभागों के पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी किए थे।