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HPSSC Paper Leak Case: आवाज के सैंपल लेने पर अब 23 अप्रैल को होगी सुनवाई

Sat, 18 Mar 2023 12:06 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

कर्मचारी चयन आयोग के भर्ती पेपर लीक मामले की मुख्य आरोपी उमा आजाद समेत दलाल संजीव कुमार, निखिल और नीरज कुमार की आवाज के सैंपल लेने की मंजूरी के लिए लगाई अर्जी पर शुक्रवार को अदालत में सुनवाई नहीं हो पाई।
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हिमाचल कर्मचारी चयन आयोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भंग किए गए हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के भर्ती पेपर लीक मामले की मुख्य आरोपी उमा आजाद समेत दलाल संजीव कुमार, निखिल और नीरज कुमार की आवाज के सैंपल लेने की मंजूरी के लिए लगाई अर्जी पर शुक्रवार को अदालत में सुनवाई नहीं हो पाई। अब अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए 23 अप्रैल की तारीख तय की है। मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) आरोपियों के आवाज के सैंपल लेकर यह जानना चाहता है कि मुख्य आरोपी, दलाल और अन्य दो आरोपियों की पेपर लीक को लेकर किस-किस अधिकारी, कर्मचारी और अभ्यर्थियों से किसी तरह की बातचीत हुई है। इसका खुलासा होने पर अन्य लोगों को भी इस मामले में नामजद कर गिरफ्तार किया जा सके।

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उधर, पूर्व सचिव एवं एचएएस अधिकारी डॉ. जितेंद्र कंवर से तीसरे दिन शुक्रवार को भी सुबह 10 बजे से सायं पांच बजे तक लंबी पूछताछ हुई। हालांकि, एसआईटी ने अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है। ऐसा माना जा रहा है कि जिस तरह से छंटनी परीक्षाओं में उनकी गंभीर लापरवाही उजागर हुई है, उससे उनकी गिरफ्तारी एक या दो दिन में हो सकती है। वहीं पोस्ट कोड 980 कला अध्यापक और पोस्ट कोड 939 जेओए आईटी की जांच के लिए एसआईटी के अन्य सदस्य भी हमीरपुर पहुंच गए हैं। एसपी विजिलेंस राहुल नाथ खुद हमीरपुर में मोर्चा संभाले हुए हैं। एएसपी अभिमन्यु वर्मा कला अध्यापक, जबकि निरीक्षक संजय कुमार पोस्ट कोड 939 जेओए आईटी मामले की जांच कर रहे हैं। आगामी दिनों में एसआईटी के कुछ और सदस्य भी हमीरपुर आ रहे हैं।

पूर्व सचिव के चालक ने भी उत्तीर्ण की थी जेओए आईटी की परीक्षा
पूर्व सचिव जितेंद्र कंवर के वाहन चालक ने भी जेओए आईटी की परीक्षा उत्तीर्ण की हुई है। हालांकि, इस परीक्षा का अंतिम परिणाम अभी निकलना बाकी है। चालक जय ठाकुर ने वर्ष 2019 में ही हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग में वाहन चालक की नौकरी हासिल की थी। वह सचिव को आवास से आयोग और आयोग से आवास तक छोडने व परीक्षाओं के दौरान सचिव के साथ ड्यूटी करता था। उसके खिलाफ भी पुख्ता सबूत एसआईटी के हाथ लगे हैं। ऐसे में जल्द ही उसके खिलाफ भी अलग से एक एफआईआर होने के संकेत हैं। हालांकि वह हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय से बीते माह ही अग्रिम जमानत हासिल कर चुका है। बताया जा रहा है कि पूछताछ में पूर्व सचिव ने एसआईटी के समक्ष माना है कि उनका चालक भी प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्र में पहुंचाने में कार्यालय के अन्य सहयोगियों की मदद करता था।
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आरोपियों की आवाज के सैंपल लेने पर अब 23 अप्रैल को अदालत में सुनवाई होगी। पूर्व सचिव से पूछताछ चल रही है, लेकिन अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है। पूर्व सचिव के चालक के खिलाफ भी अहम जानकारी मिली है। चालक ने भी जेओए आईटी की परीक्षा उत्तीर्ण की है।-रेणू शर्मा, एएसपी विजिलेंस हमीरपुर।

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