डॉ. जितेंद्र कंवर, सचिव, हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग
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अभ्यर्थी अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित है। बावजूद इसके आयोग ने अवार्ड लिस्ट पर स्टैंप का तर्क देकर अभ्यर्थी को 40 की जगह 20 की स्पीड दर्शाकर फेल कर दिया। लेकिन आरटीआई से सूचना लेने पर टाइपिंग स्पीड 40 निकली।
अब इस मामले में आयोग ने जांच बैठा दी है। उधर, अभ्यर्थी धर्म सिंह ने न्याय न मिलने पर अदालत जाने को चेताया है। आयोग के सचिव डा. जितेंद्र कंवर ने कहा कि प्रारंभिक जांच में इवेल्यूएटर स्तर पर यह गलती सामने आई है।
अब आयोग की बैठक में आगामी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित अभ्यर्थी को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा।