30 मार्च को इस परीक्षा का आयोजन किया गया है लेकिन अभी तक परिणाम घोषित नहीं किया गया है। दरअसल,अभी तक हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग में भंग किए गए कर्मचारी चयन आयोग के कर्मचारी और अन्य विभाग से अटैच किए गए अधिकारी अतिरिक्त कार्यभार संभाल कर सेवाएं दे रहे हैं। प्रदेश सरकार के कोष विभाग से किसी भी विभाग को फंड जारी करने के लिए विभाग अथवा सरकारी संस्था का ट्रेजरी कोड सृजित किया जाता है। उस संस्था के एक कर्मचारी को इस कोड को संचालित करने के लिए नामित किया जाता है। बाकायदा आईडी और पासवर्ड कर्मचारी के बनाए जाते हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग में यह औपचारिकताएं पूरा किया जाना बाकी है।
सबसे पहले राज्य चयन आयोग में पदों को सृजित कर भंग आयोग के कर्मचारियों को इसमें नामित किया जाएगा। इसके बाद कोष से फंड रिलीज होंगे। इस औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही ओटीए भर्ती की लिखित परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी को 35 लाख से अधिक की रकम दी जा सकेगी। हालांकि राज्य चयन आयोग में पद सृजित करने व भंग आयोग को इसमें नामित करने का अधिकार कैबिनेट के पास है। कैबिनेट बैठक में ही इस प्रक्रिया को पूरा किया जा सकता है। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के मुख्य प्रशासक आरके पुरूथी ने कहा कि औपचारिकताओं को जल्द पूरा कर लिया जाएगा। पिछली बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई है।
एजेंसी के परिणाम के बाद दस्तावेजों का मूल्यांकन
ओटीए की भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम आउटसोर्स एजेंसी की ओर से घोषित किया जाएगा लेकिन अंतिम परिणाम हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग की ओर से ही जारी किया जाएगा। आयोग लिखित परीक्षा के परिणाम के आधार पर दस्तावेजों के मूल्यांकन के लिए अभ्यर्थियों को सूचित करेगा और इसके बाद यह प्रक्रिया पूरी होगी।
वेतन के लिए भंग आयोग में डाला गया फंड
दरअसल पिछले दिनों भंग कर्मचारी चयन आयोग के कर्मचारियों का वेतन भी अटक गया। समस्या के समाधान के लिए भंग आयोग के खाते में फंड रिलीज कर कर्मचारियों को वेतन जारी किया गया है। हालांकि अब सरकार इस समस्या के समाधान के लिए कैबिनेट में बची हुई प्रक्रिया को पूरा करने का निर्णय ले चुकी है।