स्कूल प्रवक्ताओं के 585 पद भरने के लिए मंगलवार से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य लोक सेवा आयोग ने इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी है। 13 नवंबर तक अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। हिंदी विषय में सबसे ज्यादा 117, इतिहास में 115 और राजनीति शास्त्र में 102 पद भरे जाएंगे। अंग्रेजी के 63, अर्थशास्त्र के 17, गणित के 41, फिजिक्स के 45, केमिस्ट्री के 29, बायोलॉजी के 9 और काॅमर्स विषय के 47 पद भरे जाएंगे। कुल 585 पदों में से 248 पद सामान्य श्रेणी, 117 पद एससी, 20 एसटी, 93 ओबीसी, 66 ईडब्ल्यूएस, 7 पद स्वतंत्रता सेनानियों के बच्चों के कोटे और 34 पद बीपीएल वर्ग से भरे जाएंगे। लिखित परीक्षा के माध्यम से चयन किया जाएगा।
कनिष्ठ प्रधानाचार्यों को जिला शिक्षा उपनिदेशक नियुक्त करने पर आपत्ति
वहीं, कनिष्ठ प्रधानाचार्यों को जिला शिक्षा उपनिदेशक नियुक्त करने पर राजकीय अध्यापक संघ ने आपत्ति जताई है। लगातार चौथी बार राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष बनते ही वीरेंद्र चौहान ने सचिवालय में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मिलकर यह मामला उठाया। उन्होंने पात्र मुख्याध्यापकों और प्रवक्ताओं को प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नित देने का मांगपत्र भी सौंपा। चौहान ने वरिष्ठ प्रधानाचार्यों की मनोदशा के बारे में भी शिक्षा मंत्री को बताया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में यह व्यवस्था बन गई है कि उपनिदेशक कार्यालय में उपनिदेशक का कार्यभार कनिष्ठ प्रधानाचार्य देख रहे हैं। वे वरिष्ठ प्रधानाचार्य को आदेश दे रहे हैं, जिससे उनके पद की मर्यादा को ठेस पहुंच रही है। वीरेंद्र चौहान ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने एक सप्ताह के भीतर कदम उठाने का आश्वासन दिया है। शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से प्रधानाचार्य पद पर होने वाली पदोन्नति में हो रहे देरी का मामला भी उठाया। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. कुलदीप अत्री, केपी शर्मा और कंवर जिंटा शामिल रहे।