खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने वाले रिटायर्ड मेजर जनरल चंद्र मोहन शर्मा का जन्म 1951 में शिमला में हुआ था। शिमला के डीएवी स्कूल से शुरूआती शिक्षा हासिल की। इसके बाद हिमाचल कृषि महाविद्यालय से बीएससी एग्रीकल्चर की डिग्री हासिल की। 1972 में आर्टीलरी रेजीमेंट में सेना में कमीशन प्राप्त किया। सेना में मेजर जनरल चंद्र मोहन शर्मा ने लद्दाख में आर्टीलरी रेजीमेंट को भी कमांड किया।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के दौरान आर्टीलरी ब्रिगेड को भी कमांड किया। देश के प्रसिद्ध आर्टीलरी आर्मी वार कॉलेज एंड स्कूल में इंस्ट्रक्टर के पद पर भी सेवाएं दीं। मेजर जनरल चंद्र मोहन शर्मा को सामरिक सूचना तंत्र और आपदा प्रबंधन में महारत हासिल थी। चंद्र मोहन शर्मा ने एचपीयू शिमला से एचआरडी में पीजी डिप्लोमा, लोक प्रशासन में एमफिल, सोशल साइंस में पीजी डिप्लोमा, डिफेंस स्टडीज में एमएससी और डिफेंस एंड मैनेजमेंट में एमफिल की डिग्री हासिल कर रखी थी।