हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गाधी की 32वीं पुण्यतिथि एवं देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जंयती पर एक सभा का आयोजन किया गया। इनके चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सभा में उपस्थित सभी कांग्रेसजनों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।
सुक्खू ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी एक ऐसी महिला थीं, जो न केवल भारतीय राजनीति पर छाई रहीं, बल्कि विश्व राजनीति के क्षितिज पर भी वह विलक्षण प्रभाव छोड़ गईं। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि उन्हें आयरन लेडी के नाम से संबोधित किया जाता है।
सुक्खू ने कहा कि इंदिरा गांधी ने हिमाचल प्रदेश का पुनर्गठन किया और पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाया, जिस कारण हिमाचल प्रदेश विशेष श्रेणी के राज्यों में आया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरदार पटेल भारत के पहले गृहमंत्री बने।
उस समय अंग्रेज लगभग 700 रियासतों को उनकी इच्छा पर छोड़कर चले गए थे और बहुत सी रियासतें उस समय पाकिस्तान से मिलना चाहती थीं, लेकिन इस साहसी वीर ने अपनी कुशाग्र बुद्धि से सब रियासतों को भारत से मिला दिया और एक अखंड भारत का
निर्माण किया जिसके लिए सरदार पटेल को लौह पुरुष की उपाधि मिली। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव हरभजन सिंह भज्जी ने कहा कि इंदिरा गांधी ने पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत गरीबी हटाओ का नारा दिया और देश से निर्धनता समाप्त करने के बीस सूत्रीय कार्यक्त्रस्मों का निर्धारण किया गया।
ये भी रहे मौजूद
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष सुरेंद्र चौहान, मीडिया विभाग के चेयरमैन नरेश चौहान, संजय सिंह चौहान, कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र चौहान, सचिव महेश शर्मा, अनीता वर्मा, प्रदीप वर्मा, बलदेव नेगी, प्रदेश सेवा दल के प्रमुख अनुराग
शर्मा, प्रदेश कांग्रेस सदस्य आनंद कौशल, पूर्व विधायक आदर्श सूद, पूर्व मेयर जैनी प्रेम, विधि विभाग से राजन कोहल, महिमा नेगी, वरुण चंदेल, जिला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी के अध्यक्ष प्रदीप भुज्जा, प्रवक्ता दीपक सुंदरियाल, वेद प्रकाश, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कसुम्पटी के अध्यक्ष भूपेंद्र कंवर आदि मौजूद रहे।