किंग्स इलेवन पंजाब को डर है कि प्रदेश सरकार रातों-रात पता नहीं कौन सा टैक्स बढ़ा दे, इसलिए इस बार धर्मशाला में आईपीएल मैच करवाने से हाथ खींचे हैं। यह आरोप प्रेस वार्ता में एचपीसीए प्रवक्ता संजय शर्मा ने लगाया। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में आईपीएल मैच के लिए एचपीसीए अपने स्तर पर किंग्स इलेवन से बात करेगी।
आरोप लगाया कि किंग्स इलेवन पंजाब से भी मुख्यमंत्री के बेटे ने अपनी एनजीओ को डरा-धमकाकर डोनेशन लिया है। कहा कि सीएम के बेटे माता-पिता के नाम से खेलों का आयोजन करवाकर बता रहे हैं कि वह खेलों को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन केरल में हुए नेशनल टूर्नामेंट में 32 राज्यों में से हिमाचल का 29वां स्थान आया है।
सरकार क्रिकेट खिलाड़ियों से भेदभाव कर रही है। 26 जनवरी को सभी खेलों के खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया, लेकिन भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी सुषमा वर्मा को सरकार सम्मानित करना भूल गई। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) ने भी धर्मशाला सेंटर से हॉकी और एथलेटिक्स बंद करने के आदेश जारी किए। एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के हस्तक्षेप के बाद एथलेटिक्स को दोबारा शुरू किया जा रहा है। हॉकी को शुरू करने का भी आश्वासन मिला है।
एचपीसीए प्रवक्ता संजय शर्मा ने कहा कि परिवहन मंत्री जीएस बाली यदि प्रदेश के मुख्यमंत्री होते तो हिमाचल में आईपीएल का मैच जरूर होता। बाली का खेलों के प्रति सकारात्मक रवैया है। इसलिए वह भी धर्मशाला में आईपीएल मैच की पैरवी कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री का खेलों के प्रति अच्छा रवैया नहीं है।