मुख्यमंत्री की ओर से विधानसभा में पेश किए गए खेल विधेयक का एचपीसीए ने विरोध किया है। एचपीसीए के पीआरओ और प्रवक्ता संजय शर्मा ने इस विधेयक को खेलों का गला घोंटने वाला बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह एचपीसीए और अनुराग ठाकुर की लोकप्रियता को देखकर घबरा रहे हैं।
खेल विधेयक लाकर मुख्यमंत्री और उनके बेटे एचपीसीए को हथियाने की साजिश कर रहे हैं। एचपीसीए को खेल विधेयक के जरिए प्रदेश सरकार के दायरे में लाने की कोशिश का कानूनी तौर पर विरोध किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो अदालत जाएंगे। प्रदेश सरकार इससे पहले भी एचपीसीए स्टेडियम पर ताला जड़कर मुंह की खा चुकी है।
उन्होंने कहा कि धारा 25 के तहत पंजीकृत होने के कारण एचपीसीए प्रदेश सरकार के दायरे में नहीं आती है। धारा 25 के तहत एचपीसीए गैर लाभकारी कंपनी है। भारतीय ओलंपिक संघ भी सरकार के इस तरह के हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा। ऐसा न हो कि भारतीय ओलंपिक संघ प्रदेश की खेलों को मान्यता देने से ही मना कर दे।