एचपीसीए ने बारिश के देवता इंद्रूनाग में की पूजा।
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में 26 और 27 फरवरी को प्रस्तावित टी-20 मैचों के सफल आयोजन के लिए शनिवार को हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) के पदाधिकारियों ने खनियारा स्थित प्राचीन इंद्रूनाग देवता के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और हवन किया। एचपीसीए के निदेशक संजय शर्मा ने बताया कि मैचों के दौरान मौसम साफ रहे, इसके लिए इंद्रूनाग मंदिर में हवन पाठ के साथ भंडारे का आयोजन किया गया। एचपीसीए के महाप्रबंधक कर्नल एचएस मन्हास, ट्रेजरर अवनीश परमार, निदेशक विजय भंडारी और एपेक्स कमेटी के पदाधिकारी विशाल शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे। इंद्रूनाग देवता मंदिर में खेल पात्र के गूरों ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि 26 और 27 फरवरी को मैचों के आयोजन के दौरान मौसम साफ रहेगा, लेकिन मैच के पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में नौ कन्याओं का पूजन करना होगा।
छोटे-बड़े आयोजनों के लिए इंद्रुनाग देवता की पूजा की जाती है
इंद्रूनाग को बारिश का देवता माना जाता है। माना जाता है कि क्षेत्र में जितने भी छोटे-बढ़े आयोजन हों, उनके लिए इंद्रूनाग देवता के दर जाकर कार्यक्रमों के बारिश रहित सफल आयोजन के लिए मन्नत मांगनी पड़ती है। क्षेत्र के किसान भी नई फसल की कटाई से पहले इंद्रुनाग देवता की पूजा-अर्चना कर उन्हें भोग लगाते हैं। साथ ही नई फसल का सबसे पहले इंद्रुनाग देवता को भी भोग लगाया जाता है।
मैच से पहले धर्मशाला स्टेडियम में पूजा करेंगे इंद्रुनाग देवता के पुजारी
इस बार भी मैच के दौरान धर्मशाला स्टेडियम में अगर बारिश के बादल मंडराए तो इसका सीधा असर एचपीसीए स्टेडियम की मेजबानी पर पड़ सकता है। पहले ही धर्मशाला स्टेडियम में लगातार दो अंतरराष्ट्रीय मैच बारिश की भेंट चढ़ चुके हैं। वर्ष 2019 और 2020 में धर्मशाला स्टेडियम में भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मैच बारिश के कारण और इंद्र देवता की नाराजगी के कारण रद्द हो गए थे।