मनमानी फीस वसूली के विवाद में फंसे निजी स्कूल इस बार टॉपर देने में सरकारी स्कूलों से पिछड़ गए। कला, वाणिज्य और विज्ञान के कुल 58 मेधावी बच्चों की सूची में 31 सरकारी और 27 निजी स्कूलों के हैं। टॉप-3 में कुल 11 नामों में से निजी स्कूलों के सात, जबकि सरकारी स्कूल के चार बच्चे हैं।
कला संकाय में टॉप-10 में कुल 18 में से 17 सरकारी और निजी स्कूल का एक ही छात्र है। वाणिज्य की टॉप-10 सूची में नौ सरकारी और चार निजी, जबकि विज्ञान संकाय में कुल 27 टॉप-10 में से 22 निजी और पांच सरकारी स्कूलों के बच्चे शामिल हैं।
मेधावियों और शिक्षकों को सम्मानित करेगा बोर्ड
शिक्षा बोर्ड मेधावी बच्चों के अलावा अच्छे परिणाम देने वाले अध्यापकों को सम्मानित करेगा। इसके लिए बोर्ड जुलाई में सम्मान समारोह आयोजित करेगा।
स्कूल शिक्षा बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं में पिछले साल के मुकाबले इस बार नकल के मामले 50 फीसदी कम आए हैं। साल 2018 में बोर्ड की परीक्षाओं में 1000 से अधिक नकल के मामले सामने आए थे, जो इस बार 450 रह गए हैं। इसमें 344 जमा दो, दसवीं में 104 और मिडल में मात्र दो नकल के मामले सामने आए हैं।
स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जमा दो की वार्षिक परीक्षाओं के परिणाम को घोषित करने में इस बार नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले साल के मुकाबले जमा दो का परिणाम दो दिन पहले निकाला गया है। पिछले साल 24 अप्रैल को जमा दो का परिणाम आया था।
शीघ्र परिणाम देने के ये हैं फायदे
जमा दो की वार्षिक परीक्षाओं के बाद कई विश्वविद्यालयों में प्रवेश सहित विभिन्न संस्थाओं में नौकरियों के लिए आवेदन मई-जून माह में मांगे जाते हैं। आवेदन करते समय कई फार्मों में जमा पास की शर्त रखी गई होती है। ऐसे में परिणाम देरी से आने के कारण कई बच्चे इस फार्मों को नहीं भर पाते थे