दोनों विषयों में फेल होने पर उन्हें अनिवार्य पुनरावृत्ति श्रेणी में रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त, ऐसे विद्यार्थी पूर्व में उत्तीर्ण किए तीन विषयों में से किसी एक विषय में सुधार परीक्षा देने के लिए भी पात्र होंगे। शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि वैकल्पिक सुधार श्रेणी उन विद्यार्थियों के लिए होगी, जिन्होंने सभी अनिवार्य विषय पास किए हैं, लेकिन अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को पांच अनिवार्य विषयों में से अधिकतम तीन विषयों में सुधार परीक्षा देने की अनुमति होगी। जिन विद्यार्थियों का प्रथम परीक्षा परिणाम कंपार्टमेंट है, उन्हें कंपार्टमेंट श्रेणी के तहत द्वितीय परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी।