हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला।
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने टर्म-2 परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए मूल्यांकन केंद्र 60 से घटाकर 43 कर दिए हैं। इससे सीएंडवी अध्यापक संघ खफा हो गया है। मुख्य संरक्षक चमन लाल शर्मा ने कहा कि वर्ष 2022 और इससे पूर्व भी प्रदेश में 60 के करीब मूल्यांकन स्थलों पर उत्तर पुस्तिकाओं की जांच होती थी। बावजूद मैट्रिक और जमा दो कक्षा के परिणाम को निकालने में काफी समय लग जाता था।
अब हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अब उत्तर पुस्तिकाओं के स्थल मूल्यांकन केंद्र 60 से घटाकर 43 केंद्र स्थापित किए हैं, इससे परीक्षा परिणाम और भी अधिक देरी से निकलेगा। चमन लाल शर्मा ने कहा कि इस संदर्भ में वह बोर्ड के सचिव डॉ. विशाल शर्मा से भी मिले हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक संघों को विश्वास में लिए बिना जो मनमानी स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से की जा रही है। शिक्षा बोर्ड से मांग की है कि छात्रों के हित को देखते हुए मूल्यांकन केंद्रों की संख्या में बढ़ोतरी की जाए।
उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा बोर्ड आनन-फानन में परीक्षा परिणाम घोषित कर टॉप-10 की सूची जारी करता है। इसे कुछ ही दिन बार संशोधित कर दिया जाता है तथा जो विद्यार्थी पहले स्थान पर होता था, उसका रैंक भी कई बार नीचे चला जाता है। उन्होंने शिक्षा बोर्ड से मांग की है कि विद्यार्थियों की टॉप-10 सूची को बार-बार संशोधित न किया जाए, बल्कि इसे एक बार में अंतिम रूप दिया जाए।
बोर्ड परीक्षाओं में औचक निरीक्षण के निर्देश
प्रदेश में दस मार्च शुरू होने वाली दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान नकल के मामले पकड़ने के लिए शिक्षा विभाग भी औचक निरीक्षण करेगा। राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड के उड़नदस्तों के अलावा शिक्षा निदेशालय की टीमें भी परीक्षा केंद्रों में जाकर व्यवस्थाएं जांचेगी। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर बोर्ड परीक्षाओं के दौरान केंद्रों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि नकल करते हुए पकड़े जाने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शिक्षा निदेशक ने स्कूल शिक्षा बोर्ड के उड़नदस्तों में शामिल शिक्षकों को भी समय से रिलीव करने के स्कूल प्रिंसिपलों को निर्देश दिए हैं।