प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाओं में पहली बार मोबाइल फोन जैमर लगाए जाएंगे। पहले चरण में संवेदनशील परीक्षा केंद्रों से इसकी शुरुआत की जाएगी। अगले शैक्षणिक सत्र से सभी केंद्रों में जैमर लगाए जाएंगे। पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े के बाद अब सभी परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के सचिव (सुरक्षा) संखा रॉय ने हिमाचल सरकार को मोबाइल फोन जैमर लगाने की मंजूरी का पत्र भेजा है। जैमर लगाने का मॉडल नंबर भी प्रदेश सरकार को भेजा गया है। इस मॉडल को तकनीकी विशेषज्ञों की राय से तैयार करने के बाद लैबोरेटरी टेस्ट और फील्ड ट्रायल में पास करने के बाद केंद्र ने मंजूरी दी है।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने शुक्रवार को सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेजों के प्रिंसिपलों, जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर इस मॉडल को परीक्षा केंद्रों में लगाने के निर्देश दिए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि इस साल सभी परीक्षा केंद्रों के लिए जैमर नहीं खरीदे जाएंगे। परीक्षाओं में नकल के अधिक मामले जिन क्षेत्रों में पाए गए हैं, वहां पहले चरण में रेडियो फ्रीक्वेंसी यंत्रों के जरिये होने वाली नकल को रोकने के लिए जैमर लगाए जाएंगे।
शैक्षणिक सत्र 2021-22 से प्रदेश के सभी केंद्रों में इस योजना को शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की जैमर नीति के तहत परीक्षा केंद्रों में जैमर लगाने से पहले केंद्रों की सूचना केंद्र सरकार से लेना अनिवार्य किया गया है। जल्द ही शिक्षा निदेशालय केंद्रों का चयन कर केंद्र को प्रस्ताव भेजेगा।