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दसवीं के नतीजों में भी बेटियों की ऊंची उड़ान, सूची में महज सात लड़के

Tue, 09 May 2017 08:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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दसवीं की हिमाचल बोर्ड परीक्षा के वार्षिक नतीजों ने बेटियों ने एक बार फिर लड़कों को पछाड़ दिया है। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मंगलवार को वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया। मेरिट में आए 33 विद्यार्थियों में से 26 स्थानों पर लड़कियों ने कब्जा किया है। सात लड़के ही मेरिट सूची में नाम दर्ज करवा पाए हैं। मैट्रिक के वार्षिक परीक्षा परिणाम में निजी स्कूलों का दबदबा रहा। 
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सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। मेरिट लिस्ट में सरकारी स्कूल की एक लड़की ही जगह बना पाई है। इतना ही नहीं, मैट्रिक परीक्षा में बैठे कुल 60176 लड़कों में से 39278 लड़के ही परीक्षा पास कर पाए हैं। यह आंकड़ा लड़कियों के मुकाबले काफी कम है। हालांकि, जमा दो के वार्षिक परीक्षा परिणाम में सरकारी स्कूलों का अच्छा प्रदर्शन रहा था। इतना ही ओवर ऑल टॉप भी जमा दो में लड़का ही रहा था।
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छह जिलों से एक भी टॉपर नहीं

स्कूल शिक्षा बोर्ड के मैट्रिक के वार्षिक परीक्षाओं में टॉपर देने में प्रदेश के छह जिले पिछड़ गए हैं। मैट्रिक में टॉपर देने में प्रदेश भर में बिलासपुर अव्वल रहा है। बिलासपुर से कुल 14 विद्यार्थियों ने टॉप टेन में नाम दर्ज करवाया है, जबकि कांगड़ा और ऊना पांच-पांच टॉपर के साथ दूसरे, हमीरपुर चार के साथ तीसरे, मंडी तीन के साथ चौथे और सिरमौर दो टॉपर देकर पांचवें स्थान पर है। प्रदेश की राजधानी शिमला, कुल्लू, चंबा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और सोलन एक भी टॉपर मैट्रिक में नहीं निकाल पाया है।

स्कूल शिक्षा बोर्ड मैट्रिक का परिणाम हर साल एक-एक फीसदी बढ़ रहा है। मार्च-2015 में मैट्रिक का परिणाम 65.26 रहा था। मार्च-2016 में 66.88 और अब मार्च-2017 की वार्षिक परीक्षाओं का परिणाम 67.57 फीसदी है। मार्च-2014 में मैट्रिक का परिणाम उक्त तीन सालों के मुकाबले काफी कम था। मार्च-2014 में मैट्रिक का परिणाम-57.19 फीसदी रहा था। कुल मिलाकर तीन सालों में मैट्रिक के परिणाम में 10 फीसदी का इजाफा हुआ है। यह पिछले दो साल से एक-एक फीसदी बढ़ रहा है।     

स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मार्च-2016 की वार्षिक परीक्षाओं का परिणाम 12 मई को घोषित किया था। इस बार तीन दिन पहले मैट्रिक परीक्षा का परिणाम घोषित करके नया रिकॉर्ड बनाया है। रिकॉर्ड समय में वार्षिक परीक्षाओं का परिणाम देने में स्कूल शिक्षा बोर्ड का क्रम जारी है। इससे पूर्व जमा दो की परीक्षाएं अप्रैल तक चलने के बावजूद बोर्ड ने 25 अप्रैल को परिणाम घोषित किया था।
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