सुक्खू ने मोनाल, विक्रमादित्य ने जाजुराना को लिया गोद
अब तक योजना के अंतर्गत 2023-24 में 4.22 लाख रुपये जुटाए गए हैं। कई व्यक्ति और संस्थान इस पहल में शामिल हुए हैं। अभी तक 13 जानवरों को गोद लिया गया है। इनमें तीन जाजुराना, दो तेंदुओं, 4 फीजेंट, एक घोरल, एक थार और दो मोनाल को गोद लिया गया है। लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने जाजुराना और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मोनाल गोद लिया है।
किसी जानवर या पक्षी को इस प्रकार ले सकते हैं गोद
तेंदुए को गोद लेने के लिए प्रति वर्ष 1 लाख का योगदान करना होता है। मोनाल जैसे पक्षियों को गोद लेने की लागत 12,000 रुपये है। वेस्टर्न ट्रागोपन, हिमालयी थार और घोरल जैसे जानवरों के लिए 25,000 प्रतिवर्ष देना पड़ता है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था संपूर्ण चिड़ियाघर को गोद लेना चाहती है, तो एक करोड़ रुपये सालाना है। इन शुल्कों के माध्यम से जुटाई गई राशि का उपयोग जानवरों के भोजन, देखभाल, और चिकित्सा सुविधाओं के लिए किया जाता है।
लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान की शुरुआत की गई है। संस्थानों और कॉर्पोरेट जगत को प्रदेश के चिड़ियाघरों और पक्षी विहारों में रखे गए जानवरों की देखभाल में सहभागी बनने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।
-शाहनवाज भट्ट, डीएफओ वन्यजीव शिमला