जो प्रजाति प्रदेश में शायद ही देखने को मिलती है वह जिले के जंगलों में फल-फूल रही है। तीन दिन पहले वन्य प्राणी विभाग के आरओ मनोज कुमार रात के समय अपनी टीम के साथ कुगति के जंगल में गश्त कर रहे थे। उनकी नजर पेड़ पर बैठे इस दुर्लभ पक्षी पर पड़ी। उन्होंने अपने कैमरे से उसकी तस्वीर कैद कर ली। जब उन्होंने ध्यान से पक्षी को देखा तो उन्हें पता लगा कि यह एक दुर्लभ प्रजाति है। इसके बारे में उन्होंने डीएफओ को भी अवगत करवाया। शिकारियों से इस दुर्लभ पक्षी को बचाने के लिए विभाग ने जंगलों में अपनी गश्त बढ़ा दी है, साथ ही स्थानीय लोगों को भी इसके बारे में जागरूक किया जा रहा है।
सुंदरता के लिए जाना जाता है पक्षी
यह पक्षी अपनी सुंदरता और दुर्लभता के लिए जाना जाता है और इसे अकसर अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) की संरक्षित सूची में शामिल किया जाता है। आकार में अन्य पक्षियों से बड़ा, भूरा औप लंबी पूंछ वाला होता है। यह छोटे समूहों में रहता है और अपनी खरोंचदार चोंच और तेज आवाज के लिए जाना जाता है। वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ कुलदीप जम्वाल ने बताया कि दुर्लभ प्रजाति वाला चीर तीतर कुगति के जंगल में मिला है। इसके साथ कई ओर अन्य दुर्लभ वन्य प्रजातियां भी इस जंगल में मिली हैं। जिनके संरक्षण को लेकर विभाग मुस्तैदी से कार्य कर रहा है।