देश-दुनिया के निवेशकों से यहां की संभावनाओं पर अधिकतम निवेश करवाना होगा। कई जटिल और अनावश्यक कानून बदलने होंगे। जयराम सरकार ने इन कायदे-कानूनों को लचीला बनाने को राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत दिखाई। महीने भर पहले ही इसके लिए दो बड़े काम किए। पहले सात और आठ नवंबर को ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट की। इसमें मोदी-शाह को बुलाया। देश-विदेश के निवेशक बुलाए। इस मीट में 97 हजार करोड़ रुपये के निवेश के एमओयू साइन करवाए। फिर शीत सत्र में सरकार ने अध्यादेश लाकर नया कानून लागू किया।
इसमें आठ तरह के पुराने कानूनों में निवेशकों के लिए तीन साल तक एनओसी लेने की अनिवार्यता समाप्त कर दी। इस अध्यादेश को 13 दिसंबर को पारित कर ऐतिहासिक काम किया। कांग्रेस विधायक दल सत्तापक्ष को इस आरोप की सफाई नहीं दे सका कि उनकी पिछली सरकार ने भी जो मुंबई, हैदराबाद में रोड शो कर पिकनिक मनाई, उसका परिणाम क्या रहा।
सदन के भीतर ही नहीं, बाहर भी जनता की समस्याएं सुनते रहे जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के छह दिनों में सदन के भीतर और बाहर दोनों जगहों पर ’पब्लिक कनेक्ट’ रखा। वह देर रात तक धर्मशाला बस स्टैंड या अन्य जगहों में टहलकर जनता की समस्याओं की टोह लेते रहे।
अगले सत्र की सिटिंग बढ़ाने की भी बात
सीएम जयराम ने विधानसभा की सीमित बैठकें होने पर अगले साल से इनकी संख्या बढ़ाने की भी संभावना जताई। सीएम के इस प्रस्तावों पर स्पीकर डा. राजीव बिंदल भी सहमत नजर आए। इस बार लोकसभा चुनाव आचार संहिता के कारण 31 बैठकें ही हो पाईं। अगले साल से निर्धारित 35 के बजाय उड़ीसा-असम की तर्ज पर इन्हें और बढ़ाने की बात की।