हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर विधेयक 2017 (जीएसटी बिल) शनिवार को हिमाचल विधानसभा में पारित हो गया है। सभी दलों ने इसे समर्थन देकर पारित कर दिया। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से ये विधेयक सदन में रखा गया।
विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन हल्की चर्चा के बाद इस विधेयक पर दोनों पक्षों की सहमति मिलने के बाद पारित कर दिया गया। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि अब पूरे देश में एक ही तरह की कर प्रणाली लागू हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि इससे जनता को फायदा होगा। सीएम ने कहा कि कर प्रणाली में सुधार के कदम यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान उठाए गए थे। साल 2011 में भी जीएसटी को लोकसभा में लाया गया मगर सहमति न मिलने से यह पारित नहीं हो पाया था।
उधर, विपक्ष के नेता प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि यह जनता के हित में लिया गया मोदी सरकार का एक बड़ा फैसला है जो बड़े आर्थिक सुधार लाएगा। इससे राजस्व में वृद्घि होगी और देश की विकास दर सुधरेगी।
पहले ही माना जा रहा है कि इस विधेयक पर कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों की सहमति होने के कारण इसे दोनों पक्ष ध्वनिमत से पास करेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर जीएसटी अधिनियम को लागू करने से पहले राज्यों में जीएसटी विधेयक को पारित करवाना जरूरी है।
इसी विधायी औपचारिकता के कारण हिमाचल में भी विशेष सत्र बुलाया गया था।
बताया जा रहा है कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के विधेयक में कोई खास बदलाव नहीं होगा। केंद्रीय विधेयक की तर्ज पर ही राज्य सरकार ने जीएसटी विधेयक तैयार किया है।