नाहन में बिना सोचे-समझे बना दिया मेडिकल कॉलेज
कांग्रेस विधायक अजय सोलंकी ने मेडिकल कॉलेज नाहन से संबंधित प्रश्न उठाया। कहा कि कॉलेज भवन का निर्माण कार्य कंपनी ने बंद कर दिया है। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी गंभीर बात है कि पिछली सरकार ने बिना सोचे-समझे ऐसी जगह मेडिकल कॉलेज खोल दिया, जहां इसका विस्तार करना संभव नहीं है। वहां 100 करोड़ रुपये खर्च दिए हैं। कंपनी की ओर से 370 करोड़ रुपये मांगे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज का विस्तार करने के लिए 118 बीघा जमीन देखी गई है। सभी विधायक मिलकर ऐसी जगह पर ही मेडिकल कॉलेज बनाएं, जहां बाद में विस्तार की संभावना हो। पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुखराम चौधरी ने अनुपूरक प्रश्न किया कि इस भवन को समय पर बनाकर तैयार किया जाएगा कि नहीं। सुक्खू ने कहा कि इसमें 100 करोड़ रुपये का बजट खर्च हो चुका है। इस भवन को पूरा तो करना ही पड़ेगा।
मुरली मनोहर मंदिर सुजानपुर के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव नहीं मिला : मुकेश
शिमला। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सुजानपुर के तहत नर्बदेश्वर मंदिर और टीहरा महल के भीतर स्थित मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधीन हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के तहत आने वाले धार्मिक संस्थानों में पुनर्निर्माण प्रतिबंधित है तथा मरम्मत व रखरखाव के सभी कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से किए जाते हैं। इनके जीर्णोद्धार व मरम्मत के लिए प्रदेश सरकार द्वारा कोई भी सहायता अनुदान प्रदान नहीं किया जाता। मुरली मनोहर मंदिर सुजानपुर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन नहीं है। विधायक कैप्टन रणजीत सिंह के सवाल का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में इस मंदिर की मरम्मत अथवा जीर्णोद्धार का कोई प्रस्ताव सरकार को प्राप्त नहीं हुआ है।
विधायक प्राथमिकता में शामिल की जाए गमरू-चलान-सुबेड कूहल
कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया ने गमरू-चलान-सुबेड कूहल का मामला उठाया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शाहपुर के तहत गमरू-चलान-सुबेड कूहल जलशक्ति विभाग से संबंधित नहीं है। यह कूहल सुधेड़ गांव के लिए लगभग 50-60 वर्ष पहले चरान खड्ड से लोगों ने बनाई थी। विभाग ने इसके लिए कोई भी डीपीआर नहीं बनाई है। यदि इस कूहल को विधायक प्राथमिकता में डाला जाता है तो इसकी डीपीआर बना दी जाएगी। मुकेश ने कहा कि इसके लिए विधायक को मुख्यमंत्री से आपदा प्रबंधन के तहत बजट की मांग करनी चाहिए।
विधायक निधि का पैसा रोकने के ट्रेजरी को नहीं दिए निर्देश : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि विधायक क्षेत्र विकास निधि का पैसा रोकने के ट्रेजरी को कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं। कोई भी उपायुक्त अपने पास पैसा नहीं रोकता। उन्होंने कहा कि बीडीओ से चर्चा कर अपने-अपने प्रस्ताव के बारे में विधायकों को पता लगाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने विधायकों को एक लाख रुपये की और ऐच्छिक निधि 29 मार्च तक खर्च करने की मोहलत देने का भी सदन में एलान किया। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर और जोगिंद्रनगर से भाजपा विधायक प्रकाश राणा ने ट्रेजरी से पैसा नहीं मिलने का मामला प्रश्नकाल के दौरान उठाया। राणा ने कहा कि उपायुक्त मंडी कह रहे हैं कि उनके पास सात महीने से पैसा नहीं है। अनुपूरक प्रश्न में भाजपा विधायक हंसराज ने कहा कि विधायक क्षेत्र विकास निधि बहुत महत्वपूर्ण है। कहा जाता है कि ऊपर से कॉल करवा लो। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी अनुपूरक प्रश्न किया कि उन्होंने ऐच्छिक निधि जारी करने की मांग को लेकर दो चिट्ठियां भेजी थीं। जब साल बीत गया तो बताया गया कि बजट नहीं आया। मुख्य सचिव से भी बात की गई लेकिन पैसा नहीं मिला। अधिकारियों ने कहा कि यह पैसा लैप्स हो गया है। नेता विपक्ष ने कहा कि 4.71 लाख रुपये की मेरी ऐच्छिक निधि लैप्स हो गई। इसके लिए कौन जिम्मेवार है।
नेता विपक्षा का मामला वह खुद देखेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रेजरी में पैसा नहीं रुका है। अगर पैसा स्वीकृत नहीं किया जाता है तो ही लैप्स होता है। कई बार सेंक्शन लेट होती है। बीडीओ कार्यालय से पता करें कि क्यों पैसा खर्च नहीं हुआ है। हमने यह भी निर्देश दिए हैं कि अगर पंचायत प्रधान भी एक महीने तक पैसे को खर्च नहीं करता है तो उसका टेंडर लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता विपक्ष 2023-24 की बात कर रहे हैं। ट्रेजरी को कोई ऐसे निर्देश नहीं गए हैं कि विधायकों की निधि को रोका जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता विपक्ष की ऐच्छिक निधि के मामले का वह स्वयं पता करेंगे।