हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय यूजी में लागू सीबीसीएस रूसा के लागू किए जाने के बाद से इस बार पास आउट हो रहे पहले यूजी बैच को देखते हुए पीजी में प्रवेश की प्रक्रिया में भी बदलाव लाया है। जिन एमए कोर्स के लिए पीजी सेंटर विवि कैंपस में पहले यूजी की मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाता था, उसके स्थान पर अब छात्रों को प्रवेश परीक्षा देनी होगी।
विश्वविद्यालय ही प्रदेश भर के पीजी कॉलेजों और अपने कैंपस में चल रहे ऐसे कोर्स के लिए सेंट्रलाइज्ड प्रवेश परीक्षा आयोजित करने जा रहा है। इसके लिए फिलहाल चार परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए है। जिनमें प्रवेश परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या न्यूनतम सौ होना जरूरी है। इन सेंटर में एचपीयू कैंपस, धर्मशाला, मंडी और हमीरपुर कॉलेज को सेंटर बनाया गया है।
जल्द विवि इन प्रवेश परीक्षाओं से संबंधित ब्यौरा विवि की वेबसाइट पर उपलब्ध भी करवाने जा रहा है। हिंदी, इतिहास, इंग्लिश, समाज शास्त्र, राजनीति शास्त्र सहित कैंपस के विजुअल आर्ट, संस्कृत सहित पूर्व में मेरिट आधार पर जिन भी कोर्स में प्रवेश दिया जाता था, उसके लिए अब विवि की प्रवेश परीक्षा पास करना जरूरी होगा।
यही नहीं प्रवेश के लिए यूजी कोर्स में छात्रों के लिए तय की गई न्यूनतम क्रेडिट की पात्रता शर्त को भी पूरा करना होगा। इसमें छात्र को पास कोर्स के लिए तय किए गए 106 क्रेडिट हर हाल में लेने ही होंगे। वहीं मेजर विषय में न्यूनतम 48 क्रेडिट, दो माइनर विषयों में 24-24 कुल 48 क्रेडिट, कंप्लसरी विषय में नौ क्रेडिट और हॉबी व जनरल इंटरस्ट में न्यूनतम एक क्रेडिट हर हाल में लेना ही होगा।
इस शर्त को पूरा करने वाले छात्रों को ही प्रवेश मिल सकेगा। विवि की अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. गिरीजा शर्मा ने माना कि सेंट्रलाइज्ड प्रवेश परीक्षा और प्रवेश की तय प्रक्रिया और पात्रता शर्त पूरी करने वालों को ही पीजी में प्रवेश मिलेगा। उन्होंने कहा कि नौ जून से शुरू हो रही प्रवेश परीक्षाओं का शेडयूल जल्द जारी किया जाएगा। परीक्षा को चार केंद्र बनाए गए है।