हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड धर्मशाला।
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हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा सामग्री से जुड़े बिलों पर लाखों रुपये का जीएसटी भुगतान कर दिया, जबकि नियमानुसार यह देय नहीं था। राज्य लेखा परीक्षा विभाग की ऑडिट रिपोर्ट में इस अनियमितता का खुलासा हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार परीक्षाओं से संबंधित बिलों पर 3,02,651 रुपये का गलत जीएसटी भुगतान किया गया। एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक की ऑडिट रिपोर्ट में बोर्ड प्रशासन पर वित्तीय नियमों के उल्लंघन का उल्लेख किया है। रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड ने मैसर्स गजानन एंटरप्राइजेज और मैसर्स केवीआर इन्फोसिस प्राइवेट लिमिटेड को यह अनियमित जीएसटी राशि जारी की।
केंद्र सरकार की अधिसूचना के तहत शैक्षणिक बोर्डों की ओर से परीक्षा सेवाओं पर जीएसटी दर शून्य है। ऑडिट विभाग ने इस राशि को इनपुट जीएसटी क्रेडिट के रूप में वापस लेने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश वित्तीय नियमावली के उल्लंघन का भी उल्लेख किया है। इसके अनुसार 27,144 रुपये की सामग्री बिना कोटेशन के खरीदी गई। वहीं उप सचिव को चिकित्सा प्रतिपूर्ति के रूप में 2,805 रुपये का नियम विरुद्ध भुगतान किया गया। कुछ अन्य कर्मचारियों को यात्रा भत्ते के रूप में अधिक भुगतान किए जाने की बात भी सामने आई है।
ऑडिट रिपोर्ट में सरकारी वाहन के उपयोग और जनरेटर में तेल खपत के रिकॉर्ड में भी खामियां पाई गई हैं। इसके अलावा मितव्ययिता निर्देशों की अनदेखी करते हुए टोपी, शॉल और गुलदस्तों पर अनुचित खर्च किए जाने का उल्लेख किया गया है। राज्य लेखा परीक्षा विभाग ने बोर्ड के खातों के रखरखाव में सुधार की आवश्यकता जताते हुए बोर्ड सचिव से रिपोर्ट पर जवाब मांगा है।
संभवतया जीएसटी भुगतान से संबंधित कोई मामला और कुछ अन्य मुद्दे हैं। रिपोर्ट देखने के बाद ही इस बारे में टिप्पणी कर पाऊंगा। -
अशोक पाठक, सचिव, हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड धर्मशाला