कैबिनेट रैंक बांटकर कांगड़ा जिले के विधायकों को पहले ही तरजीह दे चुके हैं मुख्यमंत्री सुक्खू
सबसे बड़े कांगड़ा जिला को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू दो मंत्री चंद्र कुमार और यादविंद्र गोमा के रूप में पहले ही दे चुके हैं। भवानी सिंह पठानिया, रघुवीर बाली को कैबिनेट रैंक, केवल सिंह पठानिया को राज्य मंत्री के बराबर दर्जा दिया जा चुका है। किशोरी लाल और आशीष बुटेल को मुख्य संसदीय सचिव बनाया जा चुका है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में कुलदीप सिंह पठानिया विधानसभा अध्यक्ष हैं। ऐसे में कांगड़ा की एक और मंत्री पाने की मांग अब पहले जैसी मजबूत नहीं है।
वहां लोकसभा चुनाव के नतीजे भी कांग्रेस के पक्ष में नहीं रहे। चर्चा यह भी है कि मुख्यमंत्री एक अन्य मंत्री को बड़ी जिम्मेवारी देने के लिए ड्राॅप भी कर सकते हैं और बड़े दायित्व वाले इस क्षेत्र के विधायक को मंत्रिमंडल में स्थान दे सकते हैं। मंडी संसदीय क्षेत्र से वर्तमान में केवल एक मंत्री जगत सिंह नेगी किन्नौर से हैं। रामपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक नंद लाल को सातवें वित्त आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। एक अन्य मुख्य संसदीय सचिव मंडी संसदीय सीट के कुल्लू हलके से सुंदर सिंह ठाकुर हैं। ऐसे में लाहौल स्पीति मंडी संसदीय क्षेत्र का हिस्सा हाेने के चलते मंत्री पद की दावेदारी में आगे है।