राज्य सहकारी बैंक सूचना के अधिकार में आता है। इस कारण हिमाचल राज्य सहकारी बैंक से मांगी गई सूचना देने से इंकार नहीं कर सकता है। राज्य सूचना आयोग ने सुभाष चंद्र की ओर से दायर शिकायत को मंजूर करते हुए यह स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक भले ही हिमाचल प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव एक्ट के प्रावधानों के तहत स्थापित किया गया है मगर इसे पूरी तरह से राज्य सरकार की ओर से अपने अधीन रखा गया है।
यह बैंक राज्य सरकार के नियंत्रण में कार्य करता है। सेवा से जुड़े विवाद वाला कानून सूचना के अधिकार के प्रावधानों पर लागू नहीं हो सकता। हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक पब्लिक अथॉरिटी के दायरे में आता है। पब्लिक अथारिटी होने के नाते हिमाचल प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना देने से मना नहीं कर सकता है।
शिकायत में दिए तथ्यों के अनुसार 25 फरवरी 2017 को प्रार्थी ने हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक में जूनियर क्लर्क के आरक्षित पदों के लिए हुई लिखित परीक्षा बाबत सूचना मांगी थी। बैंक ने यह कहकर सूचना देने से मना कर दिया था कि हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक पब्लिक अथारिटी की परिभाषा में नहीं आता है। इसलिए वह सूचना देने के लिए बाध्य नहीं है।