प्रदेश में लगभग हर साल होने वाली सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा में उठने वाले सवालों को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर ली है। पारदर्शिता लाने के लिए मुख्यालय ने सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें लिखित परीक्षा हमीरपुर स्थित हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग से कराने का सुझाव दिया है।
दलील दी है कि आयोग सिर्फ परीक्षाओं का ही आयोजन कराता है, ऐसे में उसके पास प्रतियोगी परीक्षा कराने की पुलिस से ज्यादा विशेषज्ञता है। इसलिए परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र बनाने से लेकर पूरी लिखित परीक्षा प्रक्रिया को उससे ही कराया जाए।
पुलिस मुख्यालय परीक्षा केंद्र, उसकी सुरक्षा और परीक्षार्थियों की तलाशी की व्यवस्था कर देगा। इस प्रस्ताव पर अब सरकार कैबिनेट की बैठक में फैसला लेगी। दरअसल, पिछली कुछ परीक्षाओं के दौरान प्रश्नपत्रों या उनके उत्तरों के विकल्पों में कुछ गलतियां सामने आईं थीं।
आमतौर पर परीक्षाओं में इस तरह की परेशानी होती है, लेकिन पुलिस पर गैर जिम्मेदार और विशेषज्ञता न होने पर सवाल उठाए जाते थे। इसकी वजह से पुलिस मुख्यालय में अफसरों का एक बड़ा धड़ा परीक्षा को थर्ड पार्टी से कराने पर विचार कर रहा था। पहले एचपीयू और एचपी स्कूल शिक्षा बोर्ड जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा था, लेकिन मुख्यालय ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग से ही लिखित परीक्षाएं कराने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है।
एक हजार पद भरने की प्रक्रिया है पाइपलाइन में
हाल ही में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सिपाही के एक हजार पद भरने का एलान किया था। हालांकि इस एलान के बाद ही कोरोना महामारी फैल गई, जिससे पुलिस समेत सभी विभागों में भर्ती प्रक्रिया रुक गई। ऐसे में मुख्यालय ने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति मांगी है।