आरटीआई में जानकारी मांगी तो राज्य लोकसेवा आयोग के जनसूचना अधिकारी ने आवेदक को उसकी दरख्वास्त की खामियां बताते हुए सलाह दी कि वह इसे वेबसाइट पर देखे। शिमला निवासी सामाजिक कार्यकर्ता रवि कुमार ने यह आवेदन गत अक्तूबर में किया था। उन्हें सूचना देने का मामला यह कहकर टाल दिया गया कि उन्होंने एक ही आवेदन पर दो साल की सूचना मांगी है।
हालांकि, आवेदक का कहना है कि उन्होंने दस-दस रुपये के तीन आईपीओ लगाकर यह सूचना मांगी थी। यह सूचना जयराम सरकार के ढाई साल के कार्यकाल की मांगी गई थी। आवेदक रवि कुमार ने आयोग से जानकारी मांगी थी कि ढाई साल के कार्यकाल में जो भर्तियां हुई हैं, उनकी जानकारी दी जाए। यह जानकारी नियुक्त किए गए लोगों के नाम समेत मांगी गई।
रवि कुमार ने यह आवेदन 16 अक्तूबर को पेश किया था। जनसूचना अधिकारी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से जारी आरटीआई नियमों के संबंध में 21 जनवरी 2006 को जारी अधिसूचना के अनुसार हर साल के बारे में एक अलग आवेदन किया जाए। ऐसे में आवेदक को कहा जाता है कि वह अलग-अलग आवेदन करे। इन्हें अलग-अलग साल और विषय के अनुसार किया जाए।
इसमें यह भी कहा गया है कि हालांकि आयोग की ओर से राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों आयोग में हुई भर्तियों के बारे में सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसे उस समय डाल दिया जाता है, जब परीक्षा परिणाम घोषित किया जाता है। ऐसे में आवेदक को सलाह दी जाती है कि वह आयोग की वेबसाइट पर जाएं, जहां से वांछित सूचना प्राप्त की जा सकती है।