चार्जशीट में लगाए थे ये आरोप
इस चार्जशीट में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए एक नेता पर आरोप थे कि उन्होंने बिल्डरों के पंजीकरण के नाम पर जमकर खेल किया। उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए बैक डेट से लाइसेंस रिन्यू किए। आरोप था कि सरकाघाट नगर परिषद, बीबीएनडीए, हिमुडा भ्रष्टाचार के अड्डे बन गए। कांगड़ा में पैरा ग्लाइडिंग प्रतियोगिता के नाम पर उद्योगपतियों और व्यापारियों से धन लेने, पर्यटन विभाग को फर्जी बिल सौंपने के आरोप लगाए गए। पालमपुर में फर्जी शिक्षण संस्थान बनाकर चाय बागानों की जमीन का लैंड यूज बदला गया। एक अन्य नेता पर आरोप थे कि उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं का प्रबंधन करने की जगह अपना राजनीतिक कॅरियर संवारने को सरकारी धन का दुरुपयोग किया। अवैध खनन और कटान को बढ़ावा दिया। आय से अधिक संपत्ति के आरोप लगाते हुए उनकी प्रदेश के अंदर और बाहर बेतहाशा संपत्ति बताई गई। एक अन्य नेता पर आय से अधिक संपत्ति के आरोप लगाए। एक अन्य पर भर्ती में अनियमितताओं के लिए जिम्मेवार बताया। इस चार्जशीट को भाजपा नेताओं ने राज्यपाल को सौंपा था।
क्या बोले सुधीर शर्मा
यह उस समय का मामला है, जब कांग्रेस की सरकार थी, वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री थे और मैं मंत्री था। क्या ये बताना चाहते हैं कि वीरभद्र सिंह की सरकार चोरों की सरकार थी। जनता से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह सब किया जा रहा है। यह उनकी रणनीति है। इनकी बातों में कोई दम नहीं है। -सुधीर शर्मा, विधायक व पूर्व मंत्री
सीएम सुक्खू ने ये कहा
ये आरोप 2017 में लगाए गए थे। मैंने नहीं लगाए। भाजपा के समय लगे। हम भ्रष्टाचार पर श्वेत पत्र लाएंगे। भ्रष्टाचार की इनकी चार्जशीट कमेटी में उन लोगों को डाला गया है, जिनके खिलाफ इन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। - सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री