उन्होंने इस जन-आंदोलन को भाजपा का एजेंडा करार दिया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि पीड़िता के परिजनों की ओर से इलाज में सरासर लापरवाही के आरोप लगाए जाने पर स्थानीय स्तर पर आक्रोश व्याप्त हुआ, जिसके बाद मैंने भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार, प्रदर्शनकारियों, अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच व सख्त कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन स्थानीय विधायक मामले को राजनीतिक तूल देकर जनता की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं और निष्पक्ष जांच के बजाय मामले की लीपापोती के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
शिमला के आईजीएमसी और चमियाना के हालात तो रोज सुर्खियों में हैं ही लेकिन राज्य के हर कोने से रोज हमारे पास भी फीडबैक आ रहा है कि हालात बिगड़े हुए हैं। मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज की निरंतर अनदेखी कर इस सरकार ने उसका स्तर ही गिराकर रख दिया है और आलम यह है कि चार साल में एक बार भी स्वास्थ्य मंत्री यहां निरीक्षण करने नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था का आलम यह है कि चंबा के दो गंभीर रूप से बीमार बच्चों को ऑपरेशन के लिए पूरे एक साल बाद की तारीख दी जा रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व में भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई जनहितकारी हिम केयर योजना को महज राजनीतिक विद्वेष के चलते लगभग बंद कर दिया गया है।