उन्होंने कहा कि हिमाचल का आर्थिक भविष्य कांग्रेस के हाथों बर्बादी की ओर बढ़ रहा है। दूसरे राज्यों के प्रतिष्ठित उद्योगपति उत्पादन बंद कर रहे हैं, जिससे 60 फीसदी तक उत्पादन घट गया है और सैकड़ों छोटे-बड़े उद्योग बंदी की कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय केंद्र की आईडीआईपी योजना के तहत 1,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रदेश में आया था, लेकिन कांग्रेस की अक्षमता के चलते यह रफ्तार थम गई। उन्होंने कहा कि मंदिरों में आस्था पर ‘जजिया कर’ लगा दिया है। उन्होंने मंदिरों पर टैक्स लगाने को आस्था पर ‘जजिया कर’ जैसा प्रहार करार दिया और कहा कि चिंतपूर्णी, नयना देवी व अब चूड़धार मंदिर मार्ग पर टैक्स वसूली इसी मानसिकता का प्रमाण है। संवाद