नीली से खाकी टोपी पहनने के गृह विभाग के आदेश के खिलाफ हिमाचल प्रदेश पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर सरकार के निर्णय को खारिज करने की गुहार लगाई है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश चौहान के अनुसार पुलिस की टोपी का रंग बदलने से एक ओर तो पुलिस के मनोबल पर विपरीत असर पड़ेगा, दूसरा जन धन की भी क्षति होगी।
फोरेस्ट गार्ड, होम गार्ड और सचिवालय सुरक्षाकर्मियों की ओर से पहनी जा रही खाकी टोपी यदि पुलिस में फिर से लागू की जाती है तो उनकी अलग से पहचान मुश्किल हो जाएगी।
एसोसिएशन ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि सरकार को पुलिस वर्दी के लिए दोबारा टेंडर आमंत्रित करने से रोका जाए और वर्दी के बजाय नकदी देने के आदेश दिए जाएं। उन्होंने पुलिस वर्दी की गुणवत्ता में सुधार लाने के आदेश दिए जाने की मांग भी की है। मामले की सुनवाई चार जुलाई को हो सकती है।