विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत बलोह के खरोटा गांव के 101 वर्षीय जैंडा राम ने पंचायत चुनाव में मतदान कर लोकतंत्र के प्रति अपनी अटूट आस्था का परिचय दिया। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया और युवा मतदाताओं के लिए प्रेरणा बने। मतदान केंद्र पर मौजूद अधिकारियों और लोगों ने उनके उत्साह एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सहभागिता की सराहना की। जैंडा राम को सम्मानपूर्वक मतदान केंद्र तक पहुंचाया गया, जहां उन्होंने अपने मत का प्रयोग किया। जैंडा राम ने कहा कि मतदान प्रत्येक नागरिक का अधिकार और कर्तव्य है। उन्होंने लोगों, विशेषकर युवाओं से चुनाव प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदान करने की अपील की। पंचायत बलोह, निहाण, रयाणा सहित आसपास के क्षेत्रों में भी वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साह के साथ मतदान में हिस्सा लिया। बुजुर्ग मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी ने लोकतंत्र के प्रति लोगों के विश्वास और जागरूकता को दर्शाया। पंचायत चुनाव के दौरान कई वरिष्ठ नागरिकों ने मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की माता संसारदेई (88) ने ग्राम पंचायत अमलैहड़ के मतदान केंद्र भवड़ां में मतदान किया। इस मतदान केंद्र को पिंक बूथ बनाया गया था, जिसमें केवल महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ही पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी और सुरक्षा कर्मचारी के रूप में तैनात किया गया है।
हमीरपुर जिले की ग्राम पंचायत चंगर में टांग में फ्रैक्चर होने के बावजूद 80 वर्षीय प्रेमी देवी मतदान करने के लिए बूथ पर पहुंची। वहीं शिमला जिले में टिक्करी वार्ड नंबर तीन में 103 साल की महिला ने मतदान किया। चंबा जिले की ग्राम पंचायत सालवां में 100 वर्षीय गुलाबू देवी पत्नी बलदेव निवासी गांव धनेल ने लोकतंत्र के महापर्व में भाग लेते हुए मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस उम्र में भी मतदान के प्रति उनका उत्साह और जागरूकता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार को अपने पैतृक गांव विजयपुर में परिवार सहित पंचायत चुनाव के दौरान मतदान किया। उन्होंने स्थानीय वार्ड उप चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सहभागिता निभाई। मतदान के बाद नड्डा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में मतदान कर लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की नींव जनता की सक्रिय भागीदारी पर आधारित है और मतदान उसका सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। नड्डा ने विश्वास जताया कि लोग लोकतांत्रिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहकर चुनाव प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। इस दौरान उनके परिवार के सदस्य, विधायक त्रिलोक जमवाल, जीत राम कटवाल,स्वदेश ठाकुर सहित पार्टी कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। वहीं नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी जिले में अपनी पंचायत मुरहाग में मतदान किया।
98 वर्षीय बुजुर्ग माठूराम शर्मा ने बूथ नंबर 118 बांदली में मतदान किया। 94 साल के किरलू राम ने ग्राम पंचायत नगाली में वोट डाला। वहीं पंचायतीराज मंत्री ने अनिरुद्ध सिंह ने अपनी बेटी के साथ मतदान किया।
घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत बाड़ी मझेड़वा पंचायत में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता और मतदान के प्रति उत्साह का प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला। टांग में प्लास्टर होने और घर तक वाहन नहीं पहुंच पाने की स्थिति के बावजूद लीला देवी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। लीला देवी के घर तक जाने वाला रास्ता कच्चा होने के कारण वाहन नहीं पहुंच सकता था। इसके बावजूद उन्होंने मतदान करने का संकल्प नहीं छोड़ा और ट्रैक्टर के माध्यम से पोलिंग बूथ थलोटू पहुंचीं। वहां उन्होंने अपना वोट डालकर लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। लीला देवी के इस प्रयास की मतदान केंद्र पर मौजूद लोगों ने सराहना की। उनका कहना था कि मतदान प्रत्येक नागरिक का अधिकार और कर्तव्य है तथा सभी को बढ़-चढ़कर चुनाव प्रक्रिया में भाग लेना चाहिए। पंचायत चुनाव के दौरान लीला देवी का यह जज्बा अन्य मतदाताओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना। लगातार आ रही चुनौतियों के बावजूद उन्होंने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र के महापर्व में हर वोट की अहमियत होती है।
जिला शिमला में पंचायती राज संस्थाओं के अंतिम चरण के चुनाव में शनिवार को युवाओं के साथ सैकड़ों बुजुर्गों ने भी मतदान किया। इनमें सौ साल से ज्यादा उम्र के कई बुजुर्ग भी वोट डालने पैदल मतदान केंद्र पहुंचे। जिले के रामपुर के खड़ाहन वार्ड में शनिवार सुबह चार पीढ़ियां एक साथ मतदान करने पहुंची। मतदान केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने इनकी सराहना की। यहां 101 साल के पदमदास अपने बेटे 76 वर्षीय केवल राम, 47 वर्षीय पोते महेंद्र सिंह और 24 साल के पड़पोते दीपक मेहता के साथ वोट डालने पहुंचे थे। जिला के अन्य मतदान केंद्रों पर भी सुबह से ही युवाओं के साथ बुजुर्ग भी पैदल वोट डालने पहुंचे। बुजुर्गों का कहना था कि विकास के लिए वोट डालना जरूरी है।
रोहड़ू की ब्रासली पंचायत की 110 वर्षीय सुरतू देवी भी परिजनों के साथ मतदान के लिए पहुंची थी। वोट डालने के बाद सुरतू देवी ने कहा कि वह हर चुनाव में वोट डालती आई है। सभी को वोट डालना चाहिए। गांव वार्ड में 100 साल की रेस्मू ने भी वोट डाला। यहां फूल मालाएं पहनाकर इनका स्वागत भी किया गया। रेस्मू ने कहा कि हर चुनाव में वोट के अधिकार का इस्तेमाल करना जरूरी है। प्राइमरी स्कूल दलगांव में बने मतदान केंद्र पर 105 साल के ठाकुर दास ने भी वोट डाला। लाठी के सहारे मतदान केंद्र पहुंचे ठाकुर दास ने कहा कि चुनाव के पर्व है। इसमें सभी को हिस्सा लेना चाहिए। दरकाली पंचायत के कुखी गांव की रहने वाली 110 वर्षीय कुमदासी ने भी मतदान किया। गांव के विकास के लिए वोट डालना जरूरी है। चुनाव में सबकी भागीदारी होनी चाहिए।
झंडूता विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नघयार में लोकतंत्र के प्रति समर्पण की प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई। लगातार हो रही बारिश के बीच 65 वर्षीय बीमार देवराज को ग्रामीणों और परिजनों ने पालकी में उठाकर मतदान केंद्र तक पहुंचाया, जहां उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। स्वास्थ्य खराब होने और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद देवराज ने मतदान करने का निर्णय लिया। बारिश के कारण रास्ता भी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें पालकी में बैठाकर मतदान केंद्र तक पहुंचाया। मतदान केंद्र पर मौजूद लोगों ने देवराज के इस जज्बे की सराहना की। उनका कहना था कि लोकतंत्र के इस महापर्व में भागीदारी के लिए दिखाई गई यह प्रतिबद्धता अन्य मतदाताओं के लिए भी प्रेरणा है। पंचायत चुनाव के दौरान नघयार पंचायत से सामने आई यह तस्वीर बताती है कि मतदान के प्रति लोगों में कितना उत्साह और जागरूकता है। उम्र, बीमारी और खराब मौसम भी देवराज को अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने से नहीं रोक सके।
पंचायत चुनाव के दौरान 85 वर्षीय दुर्गादास ने मतदान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए मिसाल पेश की। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे दुर्गादास व्हीलचेयर पर बैठकर मतदान केंद्र पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। रोपड़ी निवासी दुर्गादास ने गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल रोपड़ी स्थित मतदान केंद्र में वोट डाला। उनकी तबीयत इतनी खराब है कि उन्हें उठाने और मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए तीन-चार लोगों की सहायता लेनी पड़ी। इसके बावजूद उन्होंने मतदान को अपना कर्तव्य मानते हुए वोट देने का फैसला किया। दुर्गादास ने कहा कि लोकतंत्र में मतदान प्रत्येक नागरिक का अधिकार और जिम्मेदारी है। जीवन में उन्होंने कभी भी मतदान करने का अवसर नहीं छोड़ा और इस बार भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां उनके लोकतांत्रिक कर्तव्य के आड़े नहीं आईं। उनके इस जज्बे की मतदान केंद्र पर मौजूद लोगों ने सराहना की।
पंचायत चुनाव के अंतिम चरण में जोगिंद्रनगर उपमंडल में बुजुर्ग मतदाताओं का उत्साह प्रेरणा का स्रोत बन गया। 108 वर्षीय लीला देवी ने ग्राम पंचायत रोपड़ी कलैहडू में मतदान कर अपना कर्तव्य निभाया। उन्होंने कहा कि गांव के विकास में उनका वोट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कस पंचायत में 105 वर्षीय बसंती देवी ने मतदान कर लोकतंत्र की गरिमा को बढ़ाते हुए पैदल चलकर बूथ तक पहुंचकर वोट डाला। उन्होंने कहा कि गांव की सरकार और पंचायतों के सर्वांगीण विकास के लिए मतदान एक सशक्त माध्यम है। दारट बगला बूथ नंबर तीन में 90 वर्षीय दामोदरी देवी ने मतदान करने के बाद अपनी अंगुली पर लगे स्याही के निशान को दिखाकर अन्य मतदाताओं से भी मतदान की अपील की। तलकेहड़ पंचायत में 82 वर्षीय केसरी देवी, ग्राम पंचायत गुम्मा में 85 वर्षीय छिड़की देवी और 86 वर्षीय चनेहनी देवी ने भी पंचायत चुनावों में मतदान कर अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज करवाई। विकास खंड चौंतड़ा की सैंथल पड़ैन पंचायत में 78 वर्षीय मस्त राम अपनी पत्नी सुभद्रा के साथ मतदान करने पहुंचे। डोहग में 78 वर्षीय चत्तर लाल ने अपने 86 वर्षीय मित्र शुक्रू राम के साथ मतदान किया। मसौली पंचायत में 93 वर्षीय जगदंबा देवी और मनोह पंचायत में 90 वर्षीय बहादुर राम ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया।