चौपाल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चौपाल व कुपवी विकास खंडों में जिला परिषद की दो सीटों पर भाजपा और एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुआ है। चौपाल विकास खंड के गोरली-मड़ावग वार्ड से भाजपा उम्मीदवार अतुल शर्मा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी महेश कुमार को 2528 मतों से शिकस्त प्रदान की। अतुल शर्मा को 8117, महेश कुमार को 5589, हीरा लाल घेजटा को 4309, जगदीश जिंटा को 2019, विक्रांत ब्रागटा को 201 मत प्राप्त हुए। चंदलोग-नेरवा वार्ड से भाजपा के भूपिंदर सिसोदिया ने राम लाल नेवली को 800 मतों से पराजित किया। भूपिंदर सिसोदिया को 7170, राम लाल नेवली को 6370, बलबीर सिंह सूरी को 3444 मत मिले। कुपवी विकास खंड व चौपाल विकास खंड में बंटे चडोली वार्ड में मन्नत तेगवान ने भाजपा के प्रदीप कुमार को 1455 मतों से पटकनी दी। मन्नत तेगवान को 6503, प्रदीप कुमार को 5050, अनिल अचटा को 3843, देवेंद्र सिंह को 3591 व हरी सिंह को 1458 मत प्राप्त हुए।
भाजपा ने किन्नौर जिले में जिला परिषद के दस में से नौ वार्ड पर जीत दर्ज करने का दावा किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सूरत नेगी ने इस जीत को 2027 के विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल बताया। रिकांगपिओ में प्रेसवार्ता के दौरान नेगी ने कहा कि चुनाव के समय विपक्ष ने भाजपा के दस में से दस सीटें जीतने के दावे का मजाक उड़ाया था। विपक्ष का कहना था कि भाजपा तीन सीटें भी मुश्किल से जीत पाएगी। किन्नौर में जिला परिषद के 10 में से नौ वार्डों पर भाजपा ने कब्जा जमाया है। यह जीत संगठन की मजबूत रणनीति का परिणाम है। कार्यकर्ताओं की मेहनत ने भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने जीत का श्रेय केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को दिया। सरकार की जन-कल्याणकारी नीतियां और विकास का एजेंडा इस सफलता का आधार रहे। नेगी ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल में जनता से सिर्फ झूठ और फरेब के वादे किए। जनता ने कांग्रेस के इस नकारात्मक रवैये को पूरी तरह नकार दिया है। सूरत नेगी ने इन चुनावों को 2027 के विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस सेमीफाइनल को बड़े अंतर से जीता है। यह स्पष्ट संकेत है कि किन्नौर की जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया है। इससे 2027 में भाजपा की बड़ी जीत का द्वार खुल गया है। नेगी ने ग्राम केंद्र और बूथ अध्यक्षों समेत सभी जमीनी कार्यकर्ताओं को इस शानदार जीत की बधाई दी। इस अवसर पर भाजपा के जिला अध्यक्ष यशवंत सिंह, उपाध्यक्ष चंद्रपाल और महामंत्री सुभाष शामिल थे। कल्पा के अध्यक्ष कंवर सिंह और मूरंग मंडल के अध्यक्ष चेतराम भी उपस्थित रहे।
कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले रोहड़ू उपमंडल में भाजपा ने सेंधमारी की है। उपमंडल की पांच सीटों में से तीन सीटों पर भाजपा प्रत्याशी जीते हैं, जबकि एक सीट पर कांग्रेस तो एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे हैं। जिला परिषद वार्ड संख्या-5 सीमा रणटाड़ी से कांग्रेस समर्थित सुरेंद्र रेटका 2286 मतों से जीते। सुरेंद्र रेटका को 6757, अमनदीप को 4471, ललित को 2821, राकेश कुमार को 1963, मोहित को 512 मत पड़े। जिला परिषद वार्ड-6 डोडरा-क्वार से भाजपा समर्थित मंजीत सिंह 386 मतों से विजयी हुए। मंजीत को 1014 मत मिले। इनके अलावा मनोज कुमार को 628, प्रेमराज को 627, अभय निरंजन को 440, राजेश को 435, महेंद्र सिंह को 401, जयवीर सिंह को 288, रजत को 66, सत्यवान को 59, शमशेर सिंह को 39 तथा ईश्वर चंद को 24 मत प्राप्त हुए। जिला परिषद वार्ड नंबर-8 भलून से भाजपा समर्थित कल्पना देवी 598 मतों से विजेता रहीं। कल्पना देवी को 4223 मत मिले। इनके अलावा शकुंतला देवी को 3625 मत, रीना को 3487 मत, उर्मिला देवी को 2876 मत, शीला देवी को 2202 मत, मिंता को 1134 मत, कमलेश समरेक को 871 मत और सुषमा को 586 मत प्राप्त हुए। जिला परिषद वार्ड-9 टिक्कर से आजाद उम्मीदवार भरत सिंह कलानटा 597 मतों से विजयी हुए। भरत सिंह को 5842 मत मिले। ललित कुमार को 5245 मत मिले। इनके अलावा अनुपम को 3321 मत, रमन को 1583 मत और देव राज को 435 मत प्राप्त हुए। जिला परिषद वार्ड नंबर-7 खशाधार से भाजपा समर्थित धर्मेंद्र सिंह 840 वोट से विजयी हुए। धर्मेंद्र सिंह को 4063 मत प्राप्त हुए। इनके अलावा रमेश को 3223, रामेश्वर को 2935, विक्रम सिंह को 1862, सूरज सिंह को 1768 और प्रेम राज को 990 वोट प्राप्त हुए।
जिला परिषद चुनाव में ठियोग उपमंडल की राजनीति दिलचस्प मोड़ लाई है। तीनों जिला परिषद वार्डों में मतदाताओं ने अलग-अलग राजनीतिक विकल्पों पर भरोसा जताते हुए एक सीट कांग्रेस समर्थित, एक भाजपा और एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार की झोली में डाल दी। परिणामों ने साफ कर दिया है कि क्षेत्र में किसी एक दल का पूर्ण वर्चस्व नहीं है। सबसे अधिक चर्चा घोड़ना जिला परिषद वार्ड की रही, जहां निर्दलीय उम्मीदवार सुरेंद्र मोगटा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8406 मत प्राप्त किए। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार विकेश को 2212 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। विकेश को 6194 मत मिले। वहीं, अन्य उम्मीदवारों में शशिपाल को 809 और आत्माराम को 595 मत प्राप्त हुए। सुरेंद्र मोगटा की जीत को क्षेत्र में स्थानीय नेतृत्व और जनसंपर्क की जीत के रूप में देखा जा रहा है। मोगटा भाजपा के टिकट के प्रबल दावेदार माने जाते थे, लेकिन पार्टी ने विकेश पर दांव खेला, जिसे जनता ने हराकर गलत साबित कर दिया। हालांकि, विकेश के प्रचार का जिम्मा चौपाल के भाजपा विधायक बलबीर वर्मा संभाल रहे थे। उधर, टियाली जिला परिषद वार्ड में भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत रखते हुए जीत दर्ज की। भाजपा उम्मीदवार नेहा जागटा ने 8481 मत हासिल कर सीपीआई(एम) की उम्मीदवार आकांक्षा को पराजित किया। इस जीत ने भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल पैदा कर दिया है। इस सीट पर कांग्रेस विचारधारा की प्रियंवदा सिंह, बबीता ठाकुर और सुमन राठौर खड़ी थीं, जिन्हें क्रमश 1062, 2181 और 2385 वोट मिले। यदि कांग्रेस हाई कमान हस्तक्षेप करता, तो कांग्रेस विचारधारा को मिलने वाले वोट की संख्या 7628 हो सकती थी, जिससे हार को जीत में तब्दील किया जा सकता था। इसी तरह ठियोग से विधायक का चुनाव लड़ चुके अजय श्याम के गृह क्षेत्र में भाजपा अपनी जमानत भी नहीं बचा पाई है। यहां भाजपा बागी उम्मीदवार मदन लाल वर्मा की बहू संजना वर्मा, जोकि दूसरे स्थान पर रही, के सफल होने के आसार बन सकते थे।
सोलन में जिला परिषद चुनावों में सबसे बड़ी एकतरफा जीत वार्ड नंबर 7 चेवा में देखने को मिली। यहां विजयी रहीं सुमनलता को 12,258 वोट मिले, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी शारदा कश्यप को 4,682 वोट मिले। सुमन लता ने 7,576 वोटों के भारी अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। सबसे कड़ा और रोमांचक मुकाबला वार्ड नंबर 17 बगलैहड़ में देखने को मिला। यहां विजेता योगेश्वर सिंह 6,810 वोट और उपविजेता जतिंद्र सिंह 6,739 वोट के बीच कांटे की टक्कर रही। योगेश्वर सिंह ने मात्र 71 वोटों के बेहद मामूली मार्जिन से जीत हासिल की। इसके बाद दूसरा सबसे कम मार्जिन वार्ड नंबर एक दाड़ला में रहा, जहां मीनाक्षी ठाकुर ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी सीमा देवी को मात्र 701 वोटों से मात दी।
जिला परिषद सोलन के सभी 17 वार्डों के चुनावी नतीजे घोषित हो चुके हैं। इन नतीजों में जहां प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला हुआ, वहीं मतदाताओं ने कई वार्डों में नोटा का ठप्पा लगाकर उम्मीदवारों के प्रति अपनी नाराजगी भी जाहिर की। इसमें सभी 17 वार्डों में कुल 2860 मतदाताओं ने नोटा पर ठप्पा लगाया है। चुनाव नतीजों के अनुसार, मतदाताओं ने सबसे ज्यादा नोटा का इस्तेमाल वार्ड नंबर तीन डुमैहर में किया, यहां कुल 519 मतदाताओं ने किसी भी उम्मीदवार को पसंद नहीं किया। वहीं, वार्ड नंबर पांच धंगील में नोटा को सबसे कम केवल 41 वोट मिले।
जुब्बल-कोटखाई में कांग्रेस का वर्चस्व कायम रहा है। कांग्रेस ने जुब्बल कोटखाई की तीन जिला परिषद सीटों में से तीन पर जीत हासिल की है। तीनों सीटों पर कांग्रेस और भाजपा में सीधा मुकाबला था। कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में स्वयं शिक्षा मंत्री भी प्रचार में खुलकर आए थे। हालांकि, तीन सीटों में से दो सीटों कलबोग और बढ़ाल में कांटे की टक्कर रही। जिला परिषद वार्ड नंबर-10 सरस्वतीनगर से कांग्रेस समर्थित नेहा मेहता 2891 मतों से विजयी हुई हैं। नेहा मेहता को 10,274 मत और भाजपा समर्थित श्वेता चौहान को 7,383 वोट पड़े हैं। जिला परिषद कलबोग वार्ड नंबर-12 से कांग्रेस समर्थित रेखा चौहान 244 मतों से विजयी हुईं। रेखा चौहान को 8915 मत और भाजपा प्रत्याशी नीना चौहान को 8671 मत पड़े। जिला परिषद बढ़ाल वार्ड नंबर-11 से कांग्रेस समर्थित मीनाक्षी 381 मतों से जीतीं। मीनाक्षी को 7426 मत और भाजपा प्रत्याशी रचना नेगी को 7,045 मत पड़े।