इसको लेकर विभाग ने हामी भरी कि दिनरात काम कर प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। आयुक्त ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। आयोग ने यह भी निर्देश दिए कि पंचायतों के गठन, सीमाओं के निर्धारण और मतदाता सूचियों से जुड़े सभी दस्तावेज समय पर तैयार कर आयोग को उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि यदि नई पंचायतों के गठन से अन्य पंचायतों की सीमाओं में बदलाव होता है तो उससे संबंधित औपचारिकताएं भी जल्द पूरी की जाएं, ताकि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया प्रभावित न हो। आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंचायत चुनावों से संबंधित सभी तैयारियां तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव 31 मई से पहले कराए जाने हैं। 31 मार्च से पहले रोस्टर जारी करने को कहा है। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रहा है।
शहरी निकायों के चुनाव ईवीएम से
हिमाचल प्रदेश में तीन चरणों में पंचायतों के चुनाव होंगे जबकि पंचायत चुनाव खत्म होने के चार दिन बाद शहरी निकायों के चुनाव होंगे। हिमाचल में 21 नई शहरी निकायों के चुनाव कराए जाने पर अभी संशय बना हुआ है। शहरी विभाग विभाग की तरफ से अभी 54 निकायों में ही चुनाव में होने है। हालांकि नई शहरी निकायों में चुनाव कराने के लिए विभाग को आयोग के मिनट्स का इंतजार है। हालांकि 21 नई शहरी निकायों में दो साल के भीतर कभी भी चुनाव कराए जा सकते हैं।
हिमाचल में अब तक 136 बन चुकी नई पंचायतें
हिमाचल प्रदेश में अब तक 136 नई पंचायतों का गठन किया जा चुका है। हिमाचल में पहले 4 इसके बाद 39, फिर 81 और अब 12 नई पंचायतें गठित कर दी गई है। प्रदेश में 3713 पंचायतें हो गई है। इसके साथ ही 68 नई पंचायतों को बनाने के लिए सरकार से फाइल पंचायतीराज विभाग के पास पहुंच गई है।