19 प्लॉटों का कुल क्षेत्रफल 21000 वर्ग मीटर है। इससे पहले वर्ष 2017 में ही आठ प्लाटों का आवंटन रद्द किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 4 प्लॉट धारकों ने कार्य शुरू करने के लिए वक्त मांगा है। जिन पर व्यक्तिगत सुनवाई के बाद फैसला लिया जाएगा।
औद्योगिक क्षेत्र बिलासपुर के प्लॉट धारकों को जारी कारण बताओ नोटिस के उत्तर लगातार इस कार्यालय को प्राप्त हो रहे हैं। प्लाट आवंटियों की ओर से बताई गईं खामियों को दूर किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस बारे में हाईकोर्ट और प्रदेश सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है।
सरकार ने स्पष्ट कहा है कि औद्योगिक प्लाटों पर औद्योगिक गतिविधि चलनी ही चाहिए। अन्यथा इनका अधिग्रहण करके विभाग का लैंड बैंक तैयार किया जाएगा, ताकि सही निवेशकों को प्लाटों का आवंटन किया जा सके।
जिला उद्योग केंद्र बिलासपुर के महाप्रबंधक ज्ञान सिंह चौहान ने कहा कि विभाग का काम किसी को डराने का नहीं है। लेकिन सरकार ने जो प्लॉट उद्योग स्थापित करने को दिए हैं, उनमें उद्योग चलाने ही होंगे।