मुख्यमंत्री ने दिल्ली रवाना होने से पहले शिमला में कुछ वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात भी। शहरी विकास मंत्री, खाद्य आपूर्ति मंत्री, उद्योग और आईपीएच मंत्री मुख्यमंत्री से मिले। मंत्रियों के विभागोें में केंद्र में लंबित प्रकरणों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर कुछ विभागों ने केंद्र से फंडिंग के लिए कुछ योजनाओं का ड्राफ्ट भी बनाया है, जिसे जयराम केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के दौरान रखेंगे। इसके अलावा जीएसटी काउंसिल की बैठक में जयराम हिमाचल का पक्ष रखेंगे।
पिछली दो दो तिमाही में राज्य को जीएसटी से 25 प्रतिशत राजस्व घाटा हुआ है। इस घाटे की भरपाई केंद्रीय वित्त मंत्रालय करेगा। काउंसिल की दो बैठकों में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री वित्त मंत्री अरुण जेटली से अलग से मुलाकात करेंगे। उनके साथ प्रधान सचिव मुख्यमंत्री, प्रधान निजी सचिव मुख्यमंत्री सहित वित्त, नियोजन, आबकारी विभाग के अधिकारी और उनके ओएसडी शामिल हैं।