आपदा के बीच जश्न मनाने का आरोप लगाते हुए हमलावर हैं। विधानसभा के शीत सत्र में भी यह भाजपा का एक मुद्दा रहा। ऐसे में सरकार इस समारोह में किसी भी तरह की चूक नहीं करना चाह रही है। मंत्रियों और अधिकारियों को इसके लिए सतर्क किया गया है। जहां विपक्ष सरकार पर हमलावर है और यह दोहराए जा रहा है कि यह जश्न मनाने का समय नहीं है। राज्य सरकार इस पूरे समारोह को एक नया ही रूप देने जा रही है। राज्य सरकार के अधिकारी और जिला प्रशासन इस बात को लेकर सजग किए गए हैं कि इसमें ऐसी कोई बात नजर नहीं आनी चाहिए, जिससे विपक्ष को फिर कुछ बोलने का मौका मिले।
भीषण आपदा से जूझते हुए भी सरकार किन-किन मोर्चों पर आगे रही, इस समारोह में ऐसी तमाम उपलब्धियों को दर्शाया जाएगा। इस कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को भी आमंत्रित किया गया है। वे सरकार के योगदान का उदाहरण पेश करेंगे। इसके अलावा आगामी दो वर्षों में क्या-क्या किया जाना शेष है। इसका भी इसी मंच से एक रोडमैप बनेगा। वहीं, मंडी में समारोह स्थल का निरीक्षण कर रहे राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी का कहना है कि तीन साल के इस कार्यक्रम का नाम जनसंपर्क सम्मेलन रखा गया है। इसमें लाभार्थियों को बुलाया जा रहा है। इनके अलावा आपदा पीड़ित भी यहां आएंगे। उन्होंने कहा कि वह आमंत्रित लोगों के ठहरने, उनके लिए पीने के पानी, लंच आदि की व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे हैं। इसके अलावा वह रैली स्थल पर बैठने की व्यवस्था को भी देख रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष के जिले को चुनने के बाद भाजपा की पैनी नजर
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के जिले को इस समारोह को चुनने के बाद भाजपा की इस समारोह पर पैनी नजर है। मंडी जिले ने भाजपा को सबसे ज्यादा विधायक दिए हैं तो ऐसे में विपक्ष का इस पर ध्यान होना स्वाभाविक है। भाजपा के नेता इस समारोह के आयोजन को शुरू से ही निशाने पर लिए हैं। वे आपदा के बीच सरकार