लोअर बाजार शिमला के तहबाजारियों को दी राहत को हाईकोर्ट ने 5 सितंबर तक बढ़ा दिया है। राज्य सरकार ने अदालत से शिकायत निवारण तंत्र की जानकारी देने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 5 सितंबर को निर्धारित की है। अदालत ने तहबाजारियों के लिए शिकायत निवारण तंत्र बनाए जाने के आदेश दिए थे।
अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि वह मामले की आगामी सुनवाई के दौरान इसके गठन के संबंध में अदालत को बताएं। इससे पहले अदालत ने तहबाजारियों को राहत देते हुए नगर निगम शिमला को आदेश दिए थे कि वह उनको हटाने से पहले 30 दिनों का नोटिस दें। अदालत ने स्पष्ट किया था कि जिन तहबाजारियों को हटा दिया है, उन्हें भी 30 दिनों का नोटिस जारी किया जाए।
अदालत ने नगर निगम को आदेश दिए थे कि वह स्टेटस रिपोर्ट के माध्यम से अदालत को बताए कि कितने लोगों को नोटिस दिया और इन लोगों के पुनर्स्थापन में कितना समय लगेगा। अदालत ने कहा था कि कोई भी तहबाजारी एंबुलेंस और अग्निशमन की गाड़ियों की आवाजाही में बाधा नहीं डालेगा। तहबाजारी एसोसिएशन ने अदालत को बताया कि पथ विक्रेता अधिनियम 2014 के तहत किसी भी तहबाजारी को हटाने से पहले 30 दिनों का नोटिस दिया जाना जरूरी है।