इस मामले को लेकर हुई सुनवाई में सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि दो दिनों के भीतर फारेस्ट क्लीयरेंस संबंधित दस्तावेज केंद्रीय अथारिटी को भेजे दिए जाएंगे। इस पर जल्द निर्णय आने की उम्मीद है।
प्रोजेक्ट निर्माण से जुड़े ठेकेदार की ओर से बताया है कि एक सप्ताह के भीतर वन क्षेत्र के ऊपर से रोपवे के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र हेतु जरूरी आवेदन नगर निगम के समक्ष कर दिया जाएगा।
उधर नगर निगम ने इसके एक सप्ताह के भीतर इस बारे निर्णय लेने की बात कही है। केंद्र और राज्य सरकार ने उपरोक्त प्रक्रिया के पश्चात् दो सप्ताह के भीतर जरूरी कार्यवाई पूरी करने की बात कही है।
इस प्रोजेक्ट के निर्माण शुरू होने में हुई देरी को लेकर अतुल कुमार ने न्यायालय को एक पत्र लिखा था। इस पर हाईकोर्ट ने निर्माण शुरू करने में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर कतरे हुए राज्य सरकार और नगर निगम सहित निजी ठेकेदार उषा ब्रेको लिमिटेड को नोटिस जारी किए थे।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने इस प्रोजेक्ट को लेकर विभिन्न कार्रवाई को पूरा करने के मद्देनजर दृष्टि से एक कमेटी का गठन किया था।