पेंशन संबंधी कागजी कार्यवाही और संबंधित औपचारिकताएं प्रक्रिया में हैं। पीठ को आश्वासन दिया कि अकाउंटेंट जनरल कार्यालय से अनुमोदन लेने की प्रक्रिया सहित यह पूरी प्रक्रिया अगले दो सप्ताह के भीतर पूरी होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि कांगड़ा जिला के देहरा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक होशियार सिंह ने आरोप लगाया है कि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से उन्हें अयोग्य ठहराए जाने के बाद अब उनकी पेंशन भी रोक दी गई है, जो पूरी तरह से अवैध और संविधान के खिलाफ है। पूर्व विधायक ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि यह कदम न सिर्फ हिमाचल प्रदेश विधानसभा सदस्यों के भत्ते और पेंशन अधिनियम 1971 का उल्लंघन है, बल्कि यह राजनीतिक दबाव में लिया गया फैसला भी प्रतीत होता है। उन्होंने साफ किया कि उनका इस्तीफा पूरी तरह से स्वेच्छा से दिया गया था। ऐसे में पेंशन पर रोक नैतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर अनुचित है।