हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वह मुस्लिम समुदाय से जुड़ी उपजातियों को ओबीसी श्रेणी में शामिल करने पर आठ सप्ताह के भीतर निर्णय लें। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने ऑल इंडिया मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन सोसाइटी की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया।
प्रार्थी सोसाइटी ने केंद्र सरकार की सिफारिश के अनुरूप मुस्लिम समुदाय की पिछड़ी जातियों तेली, जुलाहा, कबीरपंथी, लोहार और जोगी को ओबीसी में शामिल करने के बारे में राज्य सरकार को निर्देश देने की हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी।
राज्य सरकार की ओर से जवाब में कोर्ट को बताया गया कि जुलाहा और लोहार एससी श्रेणी में शामिल कर लिए गए हैं, जबकि अन्य उपजातियों को ओबीसी श्रेणी में शामिल करने का विचार चल रहा है। इन तथ्यों के दृष्टिगत हाईकोर्ट ने ये आदेश जारी कर दिए।
बता दें कि हिमाचल में करीब ढाई लाख मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं। यहां कई उपजातियां हैं। हाईकोर्ट के फैसले से करीब 8 हजार लोगों को फायदा होगा।